Mumbai में गंदे पानी की समस्या होगी दूर, BMC कमिश्नर ने 7 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

Maharashtra: मुंबई शहर को प्रदूषण से बचाने और समुद्र में जाने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए BMC ने कमर कस ली है। बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर के सात निर्माणाधीन सीवेज ट्री

Maharashtra: मुंबई शहर को प्रदूषण से बचाने और समुद्र में जाने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए BMC ने कमर कस ली है। बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर के सात निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। शनिवार को मलाड एसटीपी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ किया कि ये प्रोजेक्ट्स समुद्र की सफाई और पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी हैं।

कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने ठेकेदारों को काम की क्वालिटी से कोई समझौता न करने और डेडलाइन का पालन करने को कहा है। इससे पहले जून में उन्होंने भांडुप के 215 MLD प्लांट का भी दौरा किया था और निर्देश दिए थे कि इसे अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह चालू कर दिया जाए। बीएमसी के प्रोजेक्ट्स के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बांगर के मुताबिक, इन सभी सात प्लांटों के चालू होने से मुंबई की जल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।

इन सात नए प्लांटों की कुल क्षमता 2,464 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) होगी। इससे न केवल समुद्र में जाने वाले पानी की क्वालिटी सुधरेगी, बल्कि साफ किए गए पानी का इस्तेमाल गैर-पीने वाले कामों के लिए भी किया जा सकेगा, जिससे ताजे पानी की खपत कम होगी। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत अब बढ़कर 27,309.83 करोड़ रुपये हो गई है।

प्लांट का नाम क्षमता (MLD) पूरा होने का समय
घाटकोपर 337 2026
भांडुप 215 अक्टूबर 2026
वर्सोवा 180 2026
वर्ली 500 2027
बांद्रा 360 दिसंबर 2027
धारावी 418 दिसंबर 2027
मलाड 454 2028

मलाड एसटीपी में आधुनिक SBR टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पानी को गहराई से साफ करती है। बीएमसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे राजेश तमहन और अशोक मेंगडे भी इन प्रोजेक्ट्स की निगरानी कर रहे हैं ताकि मुंबई के तटीय इलाकों और समुद्री जीवन को प्रदूषण से बचाया जा सके।