Mumbai में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट पर BMC की बड़ी कार्रवाई, हजारों जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने के आदेश
Maharashtra: मुंबई में जन्म प्रमाण पत्रों में की गई गड़बड़ियों को लेकर BMC ने कड़ा रुख अपनाया है। BMC की एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर Daksha Shah ने सभी वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स ऑफ हेल्थ (MOH) को निर्देश दिया है कि जिन बर्थ
Maharashtra: मुंबई में जन्म प्रमाण पत्रों में की गई गड़बड़ियों को लेकर BMC ने कड़ा रुख अपनाया है। BMC की एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर Daksha Shah ने सभी वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स ऑफ हेल्थ (MOH) को निर्देश दिया है कि जिन बर्थ सर्टिफिकेट में बिना सही आवेदन या जरूरी दस्तावेजों के बदलाव किए गए थे, उन्हें तुरंत रद्द किया जाए। यह कदम जन्म रिकॉर्ड में हो रही धांधली को रोकने के लिए उठाया गया है।
इस पूरे मामले का खुलासा एक आंतरिक जांच में हुआ था। पता चला कि कई अधिकारियों ने अनिवार्य Civil Registration System (CRS) पोर्टल के बजाय पुराने SAP-CPWM सिस्टम का इस्तेमाल कर जन्म प्रमाण पत्रों में बदलाव किए, जो कि Registrar General of India के नियमों का सीधा उल्लंघन था। जांच में यह भी सामने आया कि 2024 से 2026 के बीच SAP सिस्टम के जरिए करीब 87,000 बदलाव किए गए, जिनमें से 10,000 से ज्यादा रिकॉर्ड्स के साथ कोई जरूरी दस्तावेज नहीं थे।
मुंबई मेयर Ritu Tawde ने इस मामले पर एक हाई-लेवल मीटिंग की और इन गड़बड़ियों को चौंकाने वाला बताया। महाराष्ट्र सरकार और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने पहले ही 19,734 ऐसे प्रमाण पत्रों को अमान्य करने का आदेश दिया था जिनमें फर्जी बदलाव किए गए थे। अब इन रिकॉर्ड्स को वापस उनके पुराने और असली रूप में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए आवेदन के साथ कम से कम दो प्रमाणित दस्तावेज देना जरूरी होता है, जो घटना की तारीख से पहले के हों। यह पूरी कार्रवाई Registration of Births and Deaths Act, 1969 और महाराष्ट्र के नियमों के तहत की जा रही है।
इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की Special Investigation Team (SIT) ने भी जांच शुरू कर दी है। BMC अब SIT को संदिग्ध मामलों की जानकारी दे रही है। खास बात यह है कि ज्यादातर गड़बड़ियां 20 से 25 साल या उससे ज्यादा उम्र के वयस्कों के सर्टिफिकेट में पाई गई हैं, जबकि नवजात बच्चों या किशोरों के मामलों में ऐसी गड़बड़ियां कम मिली हैं। पूर्व सांसद Kirit Somaiya ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए इसे एक संगठित धोखाधड़ी बताया था।