Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) ने जन्म प्रमाण पत्रों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी है। साल 2024 से 2026 के बीच जारी किए गए करीब 20,000 बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में सामने आया है
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) ने जन्म प्रमाण पत्रों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी है। साल 2024 से 2026 के बीच जारी किए गए करीब 20,000 बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में सामने आया है कि बिना किसी जरूरी कागजात के हजारों प्रमाण पत्रों में बदलाव किए गए, जिसके बाद अब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कितने सर्टिफिकेट रद्द होंगे और क्या है गड़बड़ी
BMC ने जन्म और मृत्यु के मुख्य रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर 19,734 बर्थ सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की है। शुरुआत में यह संख्या 10,244 थी, जो जांच के बाद बढ़कर करीब 20 हजार हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 16,528 सर्टिफिकेट ऐसे हैं जिनमें कोई भी सहायक दस्तावेज नहीं थे, जबकि 3,206 मामलों में कागजात अधूरे पाए गए। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि कुछ सर्टिफिकेट्स में 20 से 25 साल के वयस्कों के रिकॉर्ड बदले गए थे।
SIT जांच और नियमों का उल्लंघन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर बनी SIT अब इस घोटाले की जांच कर रही है। पुलिस ने BMC अधिकारियों को बुलाकर उनके सॉफ्टवेयर सिस्टम CRM और SAP की जांच की है। नियम के मुताबिक, 2016 के बाद से सभी रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार के CRS पोर्टल से होने चाहिए थे, लेकिन BMC ने पुराने और अनधिकृत SAP सिस्टम का इस्तेमाल किया। आरोप है कि इस सिस्टम का फायदा उठाकर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट दिए गए।
अब क्या बदलाव किए गए हैं
इस घोटाले के बाद BMC ने 15 अप्रैल 2026 से SAP सिस्टम को पूरी तरह बंद कर दिया है और अब इसे सिर्फ ‘व्यू ओनली’ मोड पर रखा गया है। अब सभी नए रजिस्ट्रेशन और सुधार केवल केंद्र सरकार के CRS पोर्टल के जरिए ही होंगे। साथ ही, रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने के लिए ‘Vision AI Vault’ नाम का एक नया AI सिस्टम लाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत E वार्ड से होगी। इस मामले में कई मेडिकल ऑफिसर्स और क्लर्कों को सस्पेंड और ट्रांसफर किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC कितने बर्थ सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग कर रहा है?
BMC ने कुल 19,734 बर्थ सर्टिफिकेट रद्द करने के लिए मुख्य रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। इनमें से 16,528 सर्टिफिकेट बिना किसी दस्तावेज के और 3,206 अधूरे कागजात के साथ बनाए गए थे।
इस घोटाले में मुख्य गड़बड़ी क्या थी?
नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार के CRS पोर्टल पर होना था, लेकिन BMC ने अनधिकृत SAP सिस्टम का इस्तेमाल किया। शक है कि इसका इस्तेमाल अवैध प्रवासियों को फर्जी पहचान दिलाने के लिए किया गया।