Maharashtra: मुंबई की सड़कों और खाली प्लॉटों पर अवैध रूप से फेंके जाने वाले मलबे को रोकने के लिए BMC एक नया डिजिटल सिस्टम बनाने जा रही है। इसके लिए BMC ने दिल्ली के ‘मलबे पोर्टल’ से प्रेरणा ली है। इस सिस्टम क
Maharashtra: मुंबई की सड़कों और खाली प्लॉटों पर अवैध रूप से फेंके जाने वाले मलबे को रोकने के लिए BMC एक नया डिजिटल सिस्टम बनाने जा रही है। इसके लिए BMC ने दिल्ली के ‘मलबे पोर्टल’ से प्रेरणा ली है। इस सिस्टम के आने से अब आम लोग और बिल्डर्स घर बैठे ही मलबे को उठवाने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकेंगे, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी।
BMC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या काम करेगा?
BMC ने इस प्लेटफॉर्म को डिजाइन और मैनेज करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनियों से प्रस्ताव (EOI) मांगे हैं, जिसकी आखिरी तारीख 29 अप्रैल है। यह सिस्टम Construction and Demolition Waste Management Rules, 2025 के तहत काम करेगा। इसमें नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों (RWAs), छोटे ठेकेदारों और बड़े डेवलपर्स को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके जरिए ‘डिब्री-ऑन-कॉल’ जैसी सुविधा मिलेगी, जिससे मलबे को सही जगह ठिकाने लगाना आसान होगा।
इस सिस्टम में कौन-कौन सी खास सुविधाएं मिलेंगी?
- मलबे के प्रबंधन की योजना (WMP) को ऑनलाइन जमा और अप्रूव करना।
- गाड़ियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और जियो-टैगिंग की सुविधा।
- डिजिटल रसीद और सहमति पत्र मिलना।
- अवैध डंपिंग की रिपोर्ट करने और उसकी निगरानी करने का सिस्टम।
- MMRDA, SRA और PWD जैसी सरकारी एजेंसियों का एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ाव।
Delhi के ‘मलबे पोर्टल’ से क्या सीखा मुंबई ने?
दिल्ली में MCD ने मार्च 2026 में ‘मलबे पोर्टल’ शुरू किया था। इस सिस्टम में लोग QR कोड स्कैन करके या ऑनलाइन मलबे की पिकअप शेड्यूल कर सकते हैं। इससे मलबे को सीधे रिसाइकिलिंग सेंटर भेजा जाता है और धूल प्रदूषण कम होता है। दिल्ली के सिस्टम में एक मीट्रिक टन तक के मलबे के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जबकि उससे ज्यादा होने पर तय रेट लागू होते हैं। मुंबई अब इसी मॉडल को अपनाकर शहर में कचरा प्रबंधन को पारदर्शी बनाना चाहती है।