Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए प्रशासन अब और भी पारदर्शी होने जा रहा है। मुंबई Suburban Guardian Minister और IT मंत्री Ashish Shelar ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) को अपने टेंडर प्रोसेस में Artificial In
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए प्रशासन अब और भी पारदर्शी होने जा रहा है। मुंबई Suburban Guardian Minister और IT मंत्री Ashish Shelar ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) को अपने टेंडर प्रोसेस में Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का मकसद टेंडर प्रक्रिया से इंसानी दखल को कम करना और काम में पारदर्शिता लाना है ताकि प्रोजेक्ट्स समय पर और ईमानदारी से पूरे हों।
AI से टेंडर प्रक्रिया में क्या बदलाव आएंगे?
मंत्री Ashish Shelar ने स्पष्ट किया है कि AI तकनीक का इस्तेमाल करने से टेंडर में होने वाली गड़बड़ियों और बदलावों (variations) पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। इससे प्रोजेक्ट के काम में जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी। यह पूरी पहल महाराष्ट्र की नई Artificial Intelligence Policy के तहत शुरू की गई है। इस हाई-लेवल मीटिंग में BMC कमिश्नर Ashwini Bhide और MahaIT के डायरेक्टर Sanjay Katkar भी मौजूद थे।
कागजी कार्रवाई खत्म होगी, अब e-file और e-signature का होगा इस्तेमाल
प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए BMC में अब e-file और e-signature सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मकसद ऑफिसों को पेपरलेस बनाना है, जैसा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के नेतृत्व में मंत्रालय में पहले से ही सफल तरीके से चल रहा है। इसके अलावा, आम जनता की शिकायतों के लिए एक नया सिस्टम लाने का प्रस्ताव है, जिसमें बोली हुई शिकायत की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी और वह सीधे संबंधित विभाग को भेज दी जाएगी।
युवाओं की भागीदारी के लिए होगा Hackathon
BMC के कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए मंत्री ने एक Hackathon आयोजित करने का सुझाव दिया है। इसमें युवाओं को जोड़कर उनके नए आइडियाज को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में शामिल किया जाएगा। बता दें कि BMC पहले से ही नालों की सफाई और चैटबॉट के जरिए शिकायतों के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अब इसे पूरे प्रशासन के स्तर पर बढ़ाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC टेंडर में AI का इस्तेमाल क्यों कर रहा है?
इसका मुख्य उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और प्रोजेक्ट के निष्पादन में जवाबदेही तय करना है।
आम नागरिकों के लिए इसमें क्या नया होगा?
नागरिकों की शिकायतों के लिए एक ऐसा सिस्टम आएगा जहाँ बोली गई शिकायत की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी और वह ऑटोमैटिक तरीके से संबंधित विभाग तक पहुँच जाएगी।