Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। BMC ने शुक्रवार, 15 मई 2026 से पूरे शहर में पानी की सप्लाई में 10% की कटौती शुरू कर दी है। यह फैसला जलाशयों में घटते जलस्तर और कमजोर मानसून की आशंका क
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। BMC ने शुक्रवार, 15 मई 2026 से पूरे शहर में पानी की सप्लाई में 10% की कटौती शुरू कर दी है। यह फैसला जलाशयों में घटते जलस्तर और कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए लिया गया है। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि अच्छी बारिश नहीं हो जाती।
पानी की कटौती क्यों की गई और कब तक रहेगी
IMD ने El Niño के प्रभाव के कारण इस साल कमजोर मानसून का अनुमान जताया है। इस वजह से BMC ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है। 15 मई सुबह 6 बजे तक सात जलाशयों में केवल 21.91% पानी बचा था। उम्मीद है कि यह कटौती 18 अगस्त तक या पर्याप्त बारिश होने तक लागू रहेगी। इस कटौती का असर ठाणे और भिवंडी-निज़मपुर नगर निगम जैसे इलाकों में भी पड़ेगा।
अवैध मोटर पंप लगाने पर क्या होगी कार्रवाई
BMC ने साफ चेतावनी दी है कि जो लोग ज्यादा पानी खींचने के लिए सप्लाई लाइन या नल पर अवैध इलेक्ट्रिक मोटर लगाएंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजित बंगार ने बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर मोटर जब्त की जाएगी, पानी का कनेक्शन काटा जाएगा और आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है। मोटर चलाने से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और पानी दूषित होने का खतरा भी रहता है।
पानी बचाने के लिए BMC की सलाह
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और पानी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें। पानी बचाने के लिए कुछ आसान तरीके बताए गए हैं:
- नहाने के लिए शावर की जगह बाल्टी का इस्तेमाल करें।
- ब्रश करते समय नल खुला न छोड़ें।
- गाड़ी साफ करने के लिए पाइप के बजाय गीले कपड़े का उपयोग करें।
- नल में फ्लो रिस्ट्रिक्ट करने वाले नोजल लगाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पानी की कटौती कब से शुरू हुई है और कितने प्रतिशत है
मुंबई में 10% पानी की कटौती शुक्रवार, 15 मई 2026 से लागू हो गई है। यह कटौती जलाशयों में पानी की कमी और कमजोर मानसून के पूर्वानुमान के कारण की गई है।
अवैध मोटर पंप इस्तेमाल करने पर क्या सजा मिल सकती है
BMC के नियमों के अनुसार, अवैध मोटर पंप लगाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है, उनके पंप जब्त किए जा सकते हैं और पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है।