Mumbai के समुद्र तटों पर कचरा रोकने के लिए हर नाले पर Trash Booms लगाने की मांग, BJP MLA ने BMC को लिखा पत्र
Maharashtra: मुंबई के समुद्र तटों (beaches) को कचरे से बचाने के लिए BJP विधायक अमित सतम ने BMC से एक बड़ी मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि शहर के उन सभी नालों और नदियों के मुहाने पर ‘ट्रैश बूम’ (कचरा रोक
Maharashtra: मुंबई के समुद्र तटों (beaches) को कचरे से बचाने के लिए BJP विधायक अमित सतम ने BMC से एक बड़ी मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि शहर के उन सभी नालों और नदियों के मुहाने पर ‘ट्रैश बूम’ (कचरा रोकने वाले अवरोधक) लगाए जाएं जो समुद्र में गिरते हैं। यह कदम मानसून के दौरान समुद्र से वापस तटों पर आने वाले प्लास्टिक और ठोस कचरे को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।
विधायक अमित सतम ने 12 जुलाई 2026 को मुंबई की मेयर ऋतु तावडे और BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे को एक औपचारिक पत्र लिखकर यह अपील की। उन्होंने बताया कि मानसून के समय नालों और नदियों के जरिए भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा अरब सागर में चला जाता है। इसके बाद हाई टाइड (ज्वार) के दौरान यही कचरा वापस मुंबई के बीचेस पर आ जाता है, जिससे गंदगी फैलती है और पर्यावरण को नुकसान होता है।
सतम ने कहा कि शहर में कुछ जगहों पर पहले से ही ट्रैश बूम लगे हुए हैं, लेकिन कचरे की भारी मात्रा को देखते हुए ये काफी कम हैं। उन्होंने मांग की है कि हर उस पॉइंट पर ये बैरियर लगाए जाएं जहां से नाले समुद्र में मिलते हैं। साथ ही, उन्होंने साल भर कचरे की सफाई के लिए एक समर्पित और 24 घंटे काम करने वाला सिस्टम बनाने की बात भी कही है।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो मई 2026 तक मुंबई में 21 एक्टिव ट्रैश बूम थे, जिनमें से 17 BMC और 4 CSR फंडिंग से लगाए गए थे। वाडाला के माहुल नाले में ‘भारत क्लीन रिवर्स फाउंडेशन’ और BMC ने मिलकर 57 मीटर लंबा ‘ट्रैश कैच’ लगाया है, जिससे करीब 200 टन कचरा समुद्र में जाने से रुकने की उम्मीद है।
डेटा के मुताबिक, एक ट्रैश बूम सूखे मौसम में रोजाना करीब 1.5 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा करता है, जो मानसून के दौरान बढ़कर 2.5 से 3 मीट्रिक टन तक पहुंच जाता है। भांडुप के उषा नगर नाले में किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट में भी सफलता मिली है, जहां पिछले एक साल में रोजाना 500 से 600 किलो प्लास्टिक कचरा पकड़ा गया। इसके अलावा, BMC का SWD विभाग झुग्गी बस्तियों के नाला दीवारों पर प्रोटेक्टिव नेट भी लगा रहा है ताकि लोग सीधे कचरा न फेंकें।