Mumbai में मानसून मौतों पर BJP नेता Ameet Satam के ‘हंसने’ पर बवाल, विपक्ष ने कहा- इंसानियत खोई
Maharashtra: मुंबई में मानसून के दौरान हुई मौतों पर बीजेपी के नेता और विधायक Ameet Satam एक विवाद में फंस गए हैं। एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह शहर में हुई मौतों की चर्चा करते समय मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो क
Maharashtra: मुंबई में मानसून के दौरान हुई मौतों पर बीजेपी के नेता और विधायक Ameet Satam एक विवाद में फंस गए हैं। एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह शहर में हुई मौतों की चर्चा करते समय मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने उन पर तीखा हमला बोला है और इसे संवेदनहीनता बताया है।
यह पूरा मामला 2 जुलाई 2026 का है जब विधान भवन परिसर में एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो में Ameet Satam कहते सुनाई दे रहे हैं कि कल एक पेड़ की वजह से मौत हुई और आज एक मैनहोल की वजह से। दरअसल, उसी दिन दो दर्दनाक हादसे हुए थे। चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे Vihan Shrivastava की मौत हो गई थी, वहीं साकीनाका में 55 साल के Aslam Sheikh एक खुले मैनहोल में गिरकर जान गंवा बैठे थे।
विपक्ष ने इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। शिव सेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बीजेपी को ‘मौत का सौदागर’ कहा है, जबकि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष Varsha Gaikwad ने Satam से इंसानियत दिखाने की अपील की है। प्रियंका चतुर्वेदी ने इन मौतों को लापरवाही से हुई हत्या करार दिया और कहा कि नेता इस पर मजाक कर रहे हैं। वहीं MNS प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि ऐसे शर्मनाक व्यवहार करने वालों का इस्तीफा लिया जाए।
दूसरी तरफ, Ameet Satam ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि वह NCP (SP) विधायक जयंत पाटिल को विधानसभा में दिए अपने बयानों के बारे में बता रहे थे, जिस पर पाटिल ने हंसकर प्रतिक्रिया दी और उन्होंने भी बस एक मुस्कुराहट दी। उन्होंने मीडिया से तथ्यों को न मोड़ने की अपील की है।
इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष Rahul Narwekar ने मैनहोल वाली घटना को बहुत गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारियों को सस्पेंड करना काफी नहीं है और जिम्मेदार लोगों पर गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) का केस चलना चाहिए। शहरी विकास राज्य मंत्री Madhuri Misal ने विधानसभा को बताया कि BMC की शुरुआती जांच में पता चला है कि मैनहोल मेंटेनेंस के लिए खोला गया था, लेकिन वहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे।
प्रशासनिक कार्रवाई के तौर पर BMC ने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और एक जांच कमेटी बनाई है। साथ ही, पूरे शहर के मैनहोल की जांच आठ दिनों के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है ताकि आगे ऐसे हादसे न हों।