Mumbai में BJP कॉर्पोरेटर Akash Purohit को मिली जमानत, कोर्ट ने पहले भेजा था जेल
Maharashtra: मुंबई के BJP कॉर्पोरेटर Akash Purohit को बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को जमानत दे दी है। इससे ठीक एक दिन पहले उन्हें एक स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। यह पूरा मामला साल 2020 के एक विरो
Maharashtra: मुंबई के BJP कॉर्पोरेटर Akash Purohit को बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को जमानत दे दी है। इससे ठीक एक दिन पहले उन्हें एक स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। यह पूरा मामला साल 2020 के एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें उनकी कोर्ट में पेशी में देरी को लेकर विवाद हुआ था।
दरअसल, 5 अगस्त 2026 को स्पेशल MP/MLA कोर्ट के जज महेश के जाधव ने Akash Purohit की गैर-जमानती वारंट (NBW) रद्द करने की अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट का मानना था कि वह गवाही और पहचान की कार्यवाही में शामिल होने के लिए जानबूझकर देरी कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें जमानत दी गई, तो उनके भविष्य में पेश होने का कोई भरोसा नहीं है। इस दौरान सरकारी वकील रमेश सिरोया ने भी उनकी जमानत का विरोध किया था।
Akash Purohit के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि वह ट्रैफिक जाम और कोर्ट के गेट पर लगी लंबी लाइनों की वजह से देरी से पहुंचे थे। हालांकि, निचली अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना और उन्हें जेल भेज दिया।
इसके बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस सुमन चंडक ने उन्हें 50,000 रुपये के पर्सनल रिकॉग्नाइज बॉन्ड (PR Bond) पर जमानत दे दी। हाई कोर्ट ने एक शर्त भी रखी है कि ट्रायल खत्म होने तक Purohit को हर महीने एक बार दो घंटे के लिए Colaba पुलिस स्टेशन जाना होगा।
यह मामला साल 2020 का है जब बिजली सप्लाई को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में BEST के जनरल मैनेजर को कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया था। Colaba पुलिस स्टेशन में इस मामले की FIR दर्ज हुई थी। इस केस में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, पूर्व MLA अतुल शाह और शीतल गंभीर समेत 18 अन्य लोग भी आरोपी हैं। जमानत मिलने के बाद मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आर्थर रोड जेल जाकर उनका स्वागत किया।