Maharashtra: मुंबई के भायंदर और वसई को जोड़ने वाले लंबे समय से रुके हुए ब्रिज प्रोजेक्ट में अब तेजी आई है। MMRDA ने इस प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन बदलने का एक नया प्रस्ताव राज्य के शहरी विकास विभाग को भेजा है। इस ब्रिज के बन
Maharashtra: मुंबई के भायंदर और वसई को जोड़ने वाले लंबे समय से रुके हुए ब्रिज प्रोजेक्ट में अब तेजी आई है। MMRDA ने इस प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन बदलने का एक नया प्रस्ताव राज्य के शहरी विकास विभाग को भेजा है। इस ब्रिज के बनने से इलाके के करीब 18 लाख लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
ब्रिज बनने से क्या होगा फायदा और क्या है इसकी खासियत
यह ब्रिज करीब 5 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें गाड़ियों के लिए 3+3 लेन होंगी। अभी भायंदर से वसई जाने के लिए 39 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है जिसमें करीब 90 मिनट लगते हैं, लेकिन ब्रिज बनने के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ 5 किलोमीटर रह जाएगी और सफर मात्र 10 मिनट में पूरा होगा। यह एक डबल-डेक ब्रिज होगा, जिसके ऊपरी हिस्से पर गाड़ियां चलेंगी और निचले हिस्से का इस्तेमाल Metro Line 13 के लिए किया जाएगा। इससे Panju island को भी सड़क से कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जहाँ अभी सिर्फ नाव से जाया जा सकता है।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और जरूरी मंजूरियां
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 2,500 करोड़ रुपये है। MMRDA ने हाल ही में इसके इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए bids मांगे हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल पांच सरकारी एजेंसियों से मंजूरी चाहिए, जिनमें से तीन (MMB, IWAI और MCZMA) अपनी मंजूरी दे चुके हैं। अब राज्य के वन विभाग से मैंग्रोव जमीन और सॉल्ट कमिश्नर से नमक के मैदानों (salt pan land) के लिए अनुमति मिलना बाकी है। साथ ही, बॉम्बे हाई कोर्ट में नमक उत्पादकों के मुआवजे का मामला भी लंबित है जिसे सुलझाया जाना जरूरी है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन का क्या कहना है
वसई-विरार के मेयर अजिब पाटिल ने भरोसा दिलाया है कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय मछुआरों, किसानों और आदिवासी समुदायों के रोजगार पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा और पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं, पूर्व मेयर नारायण मानकर और पूर्व कॉर्पोरेटर नीलेश देशमुख ने बताया कि यह प्रस्ताव पिछले 25 सालों से लंबित था और अब इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह पूरा प्रोजेक्ट मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP) का हिस्सा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भायंदर-वसई ब्रिज से यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी?
इस ब्रिज के बनने से भायंदर और वसई के बीच की दूरी 39 किमी से घटकर 5 किमी रह जाएगी, जिससे 90 मिनट का सफर अब सिर्फ 10 मिनट में पूरा होगा।
इस ब्रिज का डिजाइन कैसा होगा और इसमें क्या खास है?
यह एक डबल-डेक ब्रिज होगा जिसकी कुल लागत 2,500 करोड़ रुपये है। इसके ऊपरी हिस्से पर सड़कों का जाल होगा और निचले हिस्से का उपयोग मेट्रो लाइन 13 के लिए किया जाएगा।