Mumbai में कल से BEST बसों की हड़ताल का खतरा, वेतन और पेंशन को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों और बिजली सेवाओं पर कल से बड़ा संकट मंडरा रहा है। वेतन, पेंशन और निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के विभिन्न यूनियनों ने 18 जून 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान क

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों और बिजली सेवाओं पर कल से बड़ा संकट मंडरा रहा है। वेतन, पेंशन और निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के विभिन्न यूनियनों ने 18 जून 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। अगर आधी रात तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने BEST को मिलने वाला 1,000 करोड़ रुपये का सालाना अनुदान रोक दिया। BMC का कहना है कि बसों में बढ़ते हादसे, फंड के गलत इस्तेमाल और पुराने बकाया भुगतान जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन्हें पहले सुलझाना जरूरी है। इस वित्तीय संकट के बीच कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

हड़ताल की खबर मिलते ही BEST प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जनरल मैनेजर Sonia Sethi ने एक सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि परिवहन और बिजली सेवाओं को ‘अनिवार्य सेवाओं’ (Essential Services) की श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत 18 जून से किसी भी कर्मचारी की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी, केवल मेडिकल इमरजेंसी या बहुत जरूरी कारणों पर ही छूट मिलेगी। प्रशासन की कोशिश है कि आम जनता को होने वाली परेशानी को कम किया जा सके और बसें चलती रहें।

कर्मचारी यूनियनों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

मुख्य मांग विवरण
बजट विलय BEST के ‘C’ बजट को BMC के ‘A’ बजट में शामिल किया जाए।
पेंशन और बकाया रिटायर्ड कर्मचारियों के सभी कानूनी बकाया और ब्याज का एक साथ भुगतान हो।
वेतन वृद्धि 7वें वेतन आयोग के हिसाब से 2016-2026 के वेतन समझौतों और एरियर का भुगतान हो।
भर्ती और बसें 5,000 नई BEST बसें खरीदी जाएं और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म कर स्थायी भर्ती हो।
प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाए।
निजीकरण पर रोक PPP मॉडल के तहत BEST की संपत्तियों के ट्रांसफर या लीज पर रोक लगे।

यूनियनों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde समेत कई बड़े अधिकारियों को अपनी मांगें भेजी थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। BEST कर्मचारी सेना के जनरल सेक्रेटरी Uday Ambonkar ने पहले कहा था कि रिटायर कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वागत योग्य है, लेकिन यह उनकी कुल जरूरतों के सामने काफी कम है।