Mumbai में BEST की इलेक्ट्रिक बस योजना को झटका, सब्सिडी में देरी के कारण Olectra ने हाथ खींचे
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए सफर को आसान बनाने वाली BEST की इलेक्ट्रिक बस योजना अब मुश्किल में पड़ गई है। बस सप्लाई करने वाली बड़ी कंपनी Olectra Greentech की सहायक कंपनी EVEY ने साफ कर दिया है कि वह अब बाकी बची बसे
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए सफर को आसान बनाने वाली BEST की इलेक्ट्रिक बस योजना अब मुश्किल में पड़ गई है। बस सप्लाई करने वाली बड़ी कंपनी Olectra Greentech की सहायक कंपनी EVEY ने साफ कर दिया है कि वह अब बाकी बची बसें नहीं दे पाएगी। सब्सिडी मिलने में देरी की वजह से कंपनी ने इस बड़े सौदे से पीछे हटने का फैसला किया है, जिससे शहर में नई बसों की कमी हो सकती है।
साल 2022 में Olectra और BEST के बीच 2,100 AC इलेक्ट्रिक बसों के लिए 3,675 करोड़ रुपये का करार हुआ था। इस डील के तहत अब तक केवल 686 बसें ही सड़कों पर उतरी हैं। कंपनी ने अब BEST को बता दिया है कि वह बची हुई 1,414 बसों की सप्लाई नहीं कर पाएगी। Olectra के MD और CEO महेश बाबू ने कहा कि जब तक सब्सिडी और मार्केट की चुनौतियों का हल नहीं निकलता, इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत सप्लाई जारी रखना मुमकिन नहीं है।
कंपनी का कहना है कि हर बस पर 15 लाख रुपये की सब्सिडी तय हुई थी, लेकिन असल में यह पैसा सिर्फ 10 बसों के लिए मिला। बाकी 676 बसों के लिए कोई वित्तीय मदद नहीं मिली, जिससे यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए घाटे का सौदा बन गया। हालांकि, एक दूसरा समझौता भी है जिसमें 2,400 बिना सब्सिडी वाली बसें देनी हैं, वह अभी भी चालू है। इसमें कंपनी ने 50 बसें दे दी हैं और आने वाले समय में हर महीने 50 से 100 बसें देने की योजना बनाई है, बशर्ते ड्राइवर उपलब्ध हों।
इस खबर का असर कंपनी के शेयरों पर भी दिखा है। Olectra Greentech के शेयर की ताजा स्थिति इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| क्लोजिंग प्राइस (23 जून 2026) | ₹1501.5 | |
| 52-Week High से गिरावट | 12.41% | |
| 52-Week Low से बढ़त | 73.26% | |
| मार्केट कैपिटलाइजेशन | ₹12,502.54 करोड़ | |
| एक्सपर्ट टारगेट प्राइस | ₹1,485 से ₹1,732 | |
| अनुमानित EPS (अगला साल) | ₹19.30 |
सरकार की FAME-II योजना मार्च 2024 में खत्म हो गई थी, जिसके बाद PM E-DRIVE और PM e-Bus Sewa जैसी योजनाएं आईं। लेकिन पुराने बकाया और सब्सिडी के भुगतान में देरी ने कंपनियों की परेशानी बढ़ा दी है। भारी उद्योग मंत्रालय अब सब्सिडी की पात्रता की जांच और सख्ती से कर रहा है।
दिया हुआ जानकारी बस Expert की राय है, शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।, Disclaimer: Stock market investments can be risky, please consult your financial advisor.