Mumbai में BEST कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, बसें और बिजली सेवा ठप; लाखों लोग परेशान

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों और बिजली सेवा पर हड़ताल का असर दिख रहा है। 18 जून की आधी रात से BEST कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शुक्रवार सुबह से ही शहर की रफ्तार थम गई

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों और बिजली सेवा पर हड़ताल का असर दिख रहा है। 18 जून की आधी रात से BEST कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शुक्रवार सुबह से ही शहर की रफ्तार थम गई। इस हड़ताल की वजह से लाखों लोग दफ्तर जाने के लिए परेशान दिखे और दक्षिण मुंबई में बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

यह हड़ताल BEST संयुक्त कामगार कृति समिति द्वारा बुलाई गई है, जिसमें 12 कर्मचारी यूनियन शामिल हैं। शुक्रवार सुबह की स्थिति यह थी कि BEST की कुल 2,766 बसों में से केवल 32 से 36 बसें ही सड़कों पर चलीं। इस वजह से करीब 23 से 25 लाख दैनिक यात्री फंसे रहे और उन्हें मजबूरन लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।

महाराष्ट्र सरकार ने इस हड़ताल को रोकने के लिए MESMA कानून लागू कर दिया है, जिसके तहत यह हड़ताल गैरकानूनी है और कर्मचारियों को इसमें शामिल होने या छुट्टी लेने की मनाही है। साथ ही, 18 जून की शाम को इंडस्ट्रियल कोर्ट ने भी हड़ताल पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था। हालांकि, कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेश के बावजूद काम बंद रखा है।

BEST एक्शन कमेटी के नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने पिछले तीन महीनों से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया, इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, कुछ यूनियन और बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने इस हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया और बातचीत से मामला सुलझाने की बात कही है।

हड़ताल के दौरान हिंसा की खबरें भी आई हैं, जहां छह बसों पर पत्थरबाजी की गई और कर्मचारियों ने रास्तों में रुकावट पैदा की, जिससे कुछ बसों को वापस डिपो लौटना पड़ा। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

मुख्य मांगें
BEST के बजट का BMC के साथ विलय करना
रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी बकाया का एकमुश्त निपटारा
2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करना
परिवहन और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करना
वेट-लीज बसों के कर्मचारियों को स्थायी करना
खाली पदों पर नई भर्ती करना और बस बेड़े को 6,000 तक बढ़ाना
योग्य कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन देना
निजीकरण और PPP मॉडल को पूरी तरह बंद करना

BEST अधिकारियों ने कहा है कि शहर के निवासियों को जरूरी सेवाएं देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।