Mumbai में BEST बसों की छतों से टपक रहा पानी, मानसून में यात्रियों की बढ़ी मुसीबत

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में मानसून की बारिश शुरू होते ही BEST बसों की हालत खराब नजर आने लगी है। शहर के कई रूटों पर चलने वाली बसों की छतों से पानी टपक रहा है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। बस के फर्श पर पान

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में मानसून की बारिश शुरू होते ही BEST बसों की हालत खराब नजर आने लगी है। शहर के कई रूटों पर चलने वाली बसों की छतों से पानी टपक रहा है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। बस के फर्श पर पानी जमा होने और सीटों के गीले होने की वजह से लोग सफर करने में डर रहे हैं और प्रशासन से जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं।

BEST कमेटी के सदस्य अजय सिंह ने बताया कि ओशिवारा डिपो में जांच के दौरान 22 ऐसी बसें मिली हैं जिनमें लीकेज की समस्या है। इन बसों को मरम्मत के लिए अलग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बारिश में ऐसी बसों में सफर नहीं करना चाहिए और पूरे शहर में बसों की फिटनेस की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी कुछ बसों की मरम्मत की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही और छतों से अब भी पानी टपक रहा है।

मामला सिर्फ पुरानी बसों का नहीं है, बल्कि नई इलेक्ट्रिक बसों में भी कमियां मिली हैं। दिल्ली की कंपनी PMI से खरीदी गई नई इलेक्ट्रिक बसों ने ओशिवारा डिपो में लीकेज टेस्ट पास नहीं किया। कमेटी सदस्य रमाकांत गुप्ता ने सवाल उठाया कि जब नई बसें ही लीकेज टेस्ट में फेल हो रही हैं, तो उन्हें सड़क पर उतारना यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन ऐसी बसों को चलाना चाहता है, तो उसे यात्रियों को छाते बांटने चाहिए।

इसके अलावा, 17 जून को BEST कमेटी ने इलेक्ट्रिक बसों के ब्रेक प्रेशर में गिरावट और कुर्ला डिपो में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी पर भी चिंता जताई थी। जून के मध्य में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण भी सेवाओं पर असर पड़ा था, जिसे बाद में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के साथ समझौते के बाद खत्म किया गया। अब प्रशासन PM E-Drive स्कीम के तहत 1,500 नई AC इलेक्ट्रिक मिडी बसें लीज पर लेने की तैयारी में है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।