Mumbai में BEST बस हड़ताल से बढ़ी मुसीबत, मेट्रो में उमड़ी भारी भीड़; सिर्फ 32 बसें रहीं चालू
Maharashtra: मुंबई में BEST बस कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण शुक्रवार को शहर की सड़कों पर बसें न के बराबर दि
Maharashtra: मुंबई में BEST बस कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण शुक्रवार को शहर की सड़कों पर बसें न के बराबर दिखीं, जिससे लोग मजबूरी में मेट्रो और लोकल ट्रेन की तरफ मुड़े। बस सेवाओं के ठप होने से मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में अचानक बड़ा उछाल देखा गया है।
हड़ताल का असर इतना ज्यादा था कि शुक्रवार सुबह BEST की कुल 2,766 बसों में से केवल 32 बसें ही सड़क पर उतर पाईं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में 38 बसें डिपो से निकली थीं, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों द्वारा पत्थरबाजी और रास्ते रोकने की वजह से 6 बसों को वापस लौटना पड़ा। इस स्थिति के कारण ऑफिस जाने वाले लोगों को ऑटो-रिक्शा और कैब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और कई जगहों पर ड्राइवरों ने मनमाना किराया वसूला।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए Mumbai Metro One ने अपनी सेवाओं में बदलाव किया। भीड़ को संभालने के लिए मेट्रो वन ने 10 अतिरिक्त फेरे चलाए, जिससे कुल सेवाओं की संख्या 476 से बढ़कर 486 हो गई। आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक मेट्रो वन में करीब 38,000 अतिरिक्त यात्री पहुंचे, और दिन खत्म होने तक यह संख्या 60,000 तक पहुंचने का अनुमान था। इसके अलावा मेट्रो लाइन 2A, 7, 9A और 2B के पहले फेज पर भी भीड़ बढ़ी, जहां शाम 7 बजे तक कुल 2,48,453 यात्री सफर कर चुके थे, जो गुरुवार के मुकाबले 14,000 ज्यादा थे।
इस हड़ताल का असर केवल ट्रांसपोर्ट पर ही नहीं, बल्कि दक्षिण और मध्य मुंबई की बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है क्योंकि बिजली विभाग के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हैं। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने MESMA लागू कर दिया है ताकि जरूरी सेवाओं को बाधित होने से रोका जा सके। वहीं, इंडस्ट्रियल कोर्ट ने भी कर्मचारियों को हड़ताल न करने का अंतरिम आदेश दिया है।
मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो कोई भी बस संचालन में बाधा डालेगा, BEST की संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा या काम करने वाले कर्मचारियों को रोकेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। BEST चेयरमैन तृष्णा विश्वासराव ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। दूसरी तरफ, BEST संयुक्त कामगार कृति समिति का कहना है कि प्रशासन ने पिछले तीन महीनों से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया, इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। हालांकि, श्रमिक उत्कर्ष सभा और BEST कामगर यूनियन ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और वे प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं।