Mumbai में BEST बस हड़ताल का दूसरा दिन, लाखों यात्री परेशान, बिजली सप्लाई पर भी असर
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस वजह से शहर भर में बस सेवाएं ठप हो गईं और लाखों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का असर केवल बसों प
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस वजह से शहर भर में बस सेवाएं ठप हो गईं और लाखों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का असर केवल बसों पर ही नहीं, बल्कि शहर के कुछ हिस्सों में बिजली की सप्लाई पर भी देखा गया।
यह अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार, 18 जून 2026 की आधी रात से शुरू हुई थी। महाराष्ट्र सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए MESMA (महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम 2023) लागू किया था, ताकि परिवहन और बिजली जैसी जरूरी सेवाओं को बहाल किया जा सके। साथ ही, इंडस्ट्रियल कोर्ट ने भी हड़ताल पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश जारी किया था, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो कोई भी सार्वजनिक परिवहन में बाधा डालेगा, BEST की संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा या काम पर आने वाले कर्मचारियों को रोकेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल के पहले दिन बसों के शीशे तोड़ना, टायर पंचर करना और पत्थरबाजी जैसी 26 घटनाओं की रिपोर्ट मिली थी। शुक्रवार को BEST की कुल 2,766 बसों में से केवल 32 से 48 बसें ही सड़कों पर उतरीं, जिनमें से कई को विरोध के कारण डिपो वापस लौटना पड़ा।
परिवहन मंत्री प्रताप सार्नाईक ने यूनियन लीडर्स के साथ बैठक की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर चर्चा होगी। उन्होंने BEST जनरल मैनेजर को निर्देश दिया कि मुद्दों को संस्था स्तर पर सुलझाया जाए और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में आगामी सत्र के दौरान अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं, BEST चेयरमैन तृष्णा विश्वासराव ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की, हालांकि वह शुक्रवार की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं थीं।
BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने कहा कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
| मुख्य मांगें | विवरण |
|---|---|
| बजट विलय | BEST के बजट को BMC के मुख्य बजट में मिलाना |
| वेतन आयोग | 2016-2026 के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करना |
| पेंशन और बकाया | रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एकमुश्त निपटारा |
| स्थायीकरण | कॉन्ट्रैक्ट और वेट-लीज कर्मचारियों को स्थायी करना |
| नई बसें | BEST के स्वामित्व में 6,000 बसों का संचालन |
| भर्ती और प्रमोशन | खाली पदों को भरना और पात्र कर्मचारियों का प्रमोशन |
| निजीकरण का विरोध | PPP मॉडल और निजीकरण को पूरी तरह खारिज करना |
बसों की कमी के कारण यात्रियों ने लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और कैब का सहारा लिया, जिससे MMRC (मुंबई मेट्रो) में भीड़ काफी बढ़ गई है। फिलहाल करीब 23,000 कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।