Mumbai में BEST बस कर्मियों की हड़ताल से थमे पहिए, लाखों यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। शनिवार सुबह शहर की सड़कों पर सन्नाटा दिखा और बस सेवाएं लगभग पूरी तरह ठप हो गईं। इस वजह से ऑफिस जाने वाल
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। शनिवार सुबह शहर की सड़कों पर सन्नाटा दिखा और बस सेवाएं लगभग पूरी तरह ठप हो गईं। इस वजह से ऑफिस जाने वाले और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे पूरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क दबाव में आ गया है।
यह हड़ताल गुरुवार, 18 जून 2026 की आधी रात से शुरू हुई थी। शनिवार सुबह की स्थिति यह थी कि डिपो से कोई भी BEST की अपनी बस नहीं निकली और केवल चार वेट-लीज बसें ही सड़कों पर दिखीं। कर्मचारियों की हाजिरी में भारी गिरावट आई है, जहां 1,937 ड्राइवरों में से सिर्फ 26 और 2,646 कंडक्टरों में से केवल 9 लोग ड्यूटी पर पहुंचे।
बसों की कमी के कारण लोगों ने लोकल ट्रेन, मेट्रो, टैक्सी और ऑटो का सहारा लिया, जिससे इन सेवाओं में भारी भीड़ देखी गई। कई लोग बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करने लगे या घर से ही काम (Work from home) करने को मजबूर हुए। शुक्रवार को भी स्थिति तनावपूर्ण थी, जब 2,766 में से केवल 48 बसें चली थीं और बसों के शीशे तोड़ने और पत्थरबाजी की 26 घटनाएं सामने आई थीं।
प्रशासन ने इस हड़ताल को रोकने के लिए कई कदम उठाए। इंडस्ट्रियल कोर्ट ने गुरुवार शाम को हड़ताल पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था और महाराष्ट्र सरकार ने MESMA कानून लागू कर इस हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया। BEST की जनरल मैनेजर सोनिया सेठी ने भी विभागीय प्रमुखों और स्टाफ की छुट्टी रद्द कर दी थी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यूनियन नेताओं के साथ बैठक की और उनसे हड़ताल खत्म करने की अपील की।
BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने कहा कि प्रशासन ने तीन महीने तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया, इसलिए वे पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
| प्रमुख मांगें | विवरण |
|---|---|
| बजट विलय | BEST के बजट को BMC के मुख्य बजट में शामिल करना |
| वेतन आयोग | 2016-2026 के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना |
| रिटायर्ड कर्मचारी | सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित कानूनी बकाये का भुगतान |
| भर्ती और पद | खाली पदों को भरना और बसों की संख्या बढ़ाकर 6,000 करना |
| कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम | परिवहन और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करना |
| स्थायीकरण | वेट-लीज बस कर्मचारियों को स्थायी करना और ग्रेच्युटी देना |
BEST कमेटी की चेयरपर्सन तृष्णा विश्वासराव ने बताया कि सरकार ने 500 करोड़ रुपये की सहायता और रिटायर्ड कर्मचारियों को 200 करोड़ रुपये के बकाये दिए हैं, लेकिन यूनियन इसे नाकाफी मान रही है।