Mumbai में BEST बस हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, आम जनता परेशान; NEET छात्रों के लिए चलाई गईं 100 बसें

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर भर में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। बसें न चलने की वजह से आम लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें आईं। हालांकि,

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर भर में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। बसें न चलने की वजह से आम लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें आईं। हालांकि, प्रशासन ने NEET की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए खास इंतजाम किए ताकि उनका समय बर्बाद न हो।

यह अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार, 18 जून 2026 की आधी रात के बाद शुरू हुई थी। कर्मचारी यूनियनों और प्रशासन के बीच बातचीत विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया। शनिवार को स्थिति इतनी खराब थी कि जहां 2,767 बसों के चलने का शेड्यूल था, वहीं सुबह केवल चार वेट-लीज बसें ही सड़कों पर दिखीं। BEST की अपनी एक भी बस डिपो से बाहर नहीं निकली।

सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए शनिवार को महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (MESMA) लागू कर दिया। इसके तहत हड़ताल कर रहे कर्मचारियों और ठेकेदारों को नोटिस भेजे गए हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। औद्योगिक अदालत ने भी हड़ताल पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

BEST प्रशासन ने बताया कि रविवार, 21 जून को NEET री-एग्जामिनेशन देने वाले छात्रों के लिए 100 से ज्यादा बसों का इंतजाम किया गया। इनमें से लगभग 60 बसों ने 24 रूटों पर करीब 180 चक्कर लगाए, जिससे छात्र 63 परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सके।

BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के नेताओं का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस वादा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। BEST कर्मचारी सेना के महासचिव उदय अंबोनकर ने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ हुई बैठक के नतीजों को बदल दिया गया और उनकी मुख्य समस्याओं को नजरअंदाज किया गया।

हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • BEST के ‘C’ बजट को BMC के मुख्य ‘A’ बजट में मिलाया जाए।
  • रिटायर कर्मचारियों के कानूनी बकाये का भुगतान हो।
  • 2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हों।
  • कॉन्ट्रैक्ट ऑपरेटरों पर निर्भरता कम की जाए और वेट-लीज स्टाफ को पक्का किया जाए।
  • परिवहन और बिजली विभाग में खाली पदों को भरा जाए और कॉन्ट्रैक्ट भर्ती बंद हो।
  • BEST की अपनी 6,000 बसों का बेड़ा तैयार किया जाए और निजीकरण को रोका जाए।