Mumbai में BEST बस कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शहर की रफ्तार थमी
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बस सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। BEST कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार आधी रात से शु
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बस सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। BEST कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में बसें नहीं चल रही हैं।
हड़ताल के कारण आम जनता को काफी दिक्कतें आईं। लोग लोकल ट्रेन, मेट्रो, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के भरोसे थे, जिससे इन सेवाओं में भारी भीड़ देखी गई। शुक्रवार को BEST की कुल 2,766 बसों में से केवल 48 बसें ही सड़कों पर उतरी थीं। इस बीच, हड़ताल के पहले दिन बसों में पत्थरबाजी, टायर की हवा निकालना और शीशे तोड़ने जैसी 26 घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई। मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन में बाधा डालने या BEST की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें सिर्फ वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं। BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के सदस्य प्रवीण शांतराम होलमुखे ने बताया कि वे वेट-लीज कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने और लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, यूनियन नेता रंगनाथ सातवासे ने कहा कि 2022 से रिटायर हुए कर्मचारियों का बकाया पैसा नहीं मिला है। साथ ही, सरकार द्वारा बस डिपो को PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना का भी विरोध हो रहा है।
इस मामले को सुलझाने के लिए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यूनियन नेताओं और शहरी विकास अधिकारियों के साथ बैठक की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार ने इस हड़ताल को रोकने के लिए महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (MESMA) लागू किया और औद्योगिक अदालत से आदेश भी लिया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। शिवसेना नेता सचिन अहिर ने राज्य सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लिए बिना जल्द फैसला लिया जाए।