Mumbai में BEST बस हड़ताल का दूसरा दिन, सड़कों पर बसें नहीं दिखीं, लाखों यात्री परेशान
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल दूसरे दिन और ज्यादा गहरा गई है। शनिवार को शहर में बस सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही, जिससे दफ्तर जाने वाले और आम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की हड़ताल दूसरे दिन और ज्यादा गहरा गई है। शनिवार को शहर में बस सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही, जिससे दफ्तर जाने वाले और आम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों की कमी के कारण लोग लोकल ट्रेन, मेट्रो और ऑटो-टैक्सी के भरोसे रहे, जबकि कई लोगों ने घर से ही काम करना बेहतर समझा।
BEST संयुक्त कामगार कृति समिति, जिसमें 12 यूनियन शामिल हैं, ने 19 जून से यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। शनिवार, 20 जून को स्थिति इतनी खराब थी कि कुल 2,766 बसों में से सिर्फ 4 बसें ही सड़कों पर चलीं। आंकड़ों के मुताबिक, हजारों कर्मचारियों में से केवल 26 ड्राइवर और 9 कंडक्टर ही ड्यूटी पर पहुंचे। हड़ताल के पहले दिन भी केवल 48 बसें चली थीं, जिनमें से 26 को पत्थरबाजी और विरोध के कारण वापस डिपो लौटना पड़ा था।
महाराष्ट्र सरकार ने इस हड़ताल को रोकने के लिए MESMA कानून लागू कर दिया है, जिससे यह हड़ताल अब गैरकानूनी हो गई है। हड़ताली कर्मचारियों और ठेकेदारों को नोटिस भेजे गए हैं और पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन में बाधा डालने या BEST की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक अदालत ने भी हड़ताल पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- BEST के बजट को BMC के बजट के साथ जोड़ा जाए।
- 2016-2026 के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हों।
- रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी बकाये का भुगतान किया जाए।
- परिवहन और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म कर स्थायी भर्ती हो।
- वेट-लीज बस कर्मचारियों को BEST में शामिल किया जाए और निजीकरण को रोका जाए।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यूनियनों के साथ बातचीत की और हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर का कहना है कि जब तक कोई ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के साथ हुई बैठक के विवरण में बदलाव किया गया और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। वहीं, NEET री-टेस्ट देने वाले छात्रों के लिए BEST ने 60 अतिरिक्त बसें लगाईं और MSRTC से 100 बसों की मांग की है।