Mumbai में BEST बस हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, लाखों यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें

Maharashtra: मुंबई में BEST बसों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शुक्रवार शाम को सरकार और BEST अधिकारियों के साथ यूनियनों की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई,

Maharashtra: मुंबई में BEST बसों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शुक्रवार शाम को सरकार और BEST अधिकारियों के साथ यूनियनों की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई, जिसके बाद शनिवार को भी बसें नहीं चलीं। इस वजह से दफ्तर जाने वाले और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

यह अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार, 18 जून 2026 की आधी रात से शुरू हुई थी। औद्योगिक अदालत ने कर्मचारियों को हड़ताल न करने का आदेश दिया था और महाराष्ट्र सरकार ने MESMA कानून भी लागू किया था, लेकिन यूनियनों ने इन आदेशों को नहीं माना। BEST संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने बताया कि प्रशासन उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पाया, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल का असर यह रहा कि शुक्रवार को करीब 2,700-2,800 बसों के बेड़े में से केवल 48 बसें ही सड़क पर उतरीं। इससे रोजाना सफर करने वाले 23 से 25 लाख लोग मुश्किल में पड़ गए। कई यात्रियों को लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और टैक्सी का सहारा लेना पड़ा, जहाँ भीड़ बहुत ज्यादा थी और ऐप-आधारित कैब सेवाओं ने किराया बढ़ा दिया। MMRC के मुताबिक, शुक्रवार को अंडरग्राउंड कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या 1.51 लाख से बढ़कर 2.17 लाख हो गई।

इस दौरान शहर में तनाव भी देखा गया। शुक्रवार को पत्थरबाजी के 10 मामले और ड्राइवरों को धमकी देने की 10 घटनाएं सामने आईं। कुछ बसों के टायर की हवा निकाल दी गई और शीशे तोड़ दिए गए। शिवसेना नेता सचिन अहिर ने जनता से माफी मांगी और सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा न ले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने कई यूनियन नेताओं को हिरासत में लिया है।

दूसरी ओर, परिवहन मंत्री प्रताप सार्नाईक ने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में बैठक बुलाकर समाधान निकाला जाएगा। BEST कमेटी की चेयरपर्सन तृष्णा विश्वासराव ने निराशा जताते हुए कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 200 करोड़ रुपये और BMC से 500 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया जा चुका है। वहीं, जनरल मैनेजर सोनिया सेठी ने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति विभाग पर इस हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

मुख्य मांगें विवरण
रोजगार वेट-लीज कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देना
वेतन 2016-2026 के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना
बजट BEST के बजट का BMC के साथ विलय करना
भर्ती खाली पदों पर नई भर्ती करना और पात्र स्टाफ को प्रमोशन देना
बसों का स्वामित्व 6,000 बसों का संचालन खुद BEST के स्वामित्व में करना
निजीकरण PPP मॉडल और निजीकरण के प्रस्ताव को खारिज करना