Mumbai में BEST बसों की खराब हालत पर बवाल, सेफ्टी के लिए अब खुद के मैकेनिक करेंगे बसों की मरम्मत

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। BEST कमेटी के सदस्य अजय सिंह ने प्रस्ताव रखा है कि किराए पर ली गई (wet-lease) बसों की देखरेख अब बाहरी ठेकेदारो

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। BEST कमेटी के सदस्य अजय सिंह ने प्रस्ताव रखा है कि किराए पर ली गई (wet-lease) बसों की देखरेख अब बाहरी ठेकेदारों के बजाय BEST के अपने कर्मचारी करें। इस कदम का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और बसों के बार-बार खराब होने की समस्या को रोकना है।

अजय सिंह ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को प्रशासन से मांग की कि BEST के पास मौजूद 125 फुल-टाइम तकनीशियनों को इन 2,551 वेट-लीज बसों के मेंटेनेंस के काम में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा, बल्कि BEST को अच्छी कमाई भी होगी। यह मामला तब गरमाया जब मानसून के दौरान बसों के ब्रेक फेल होने और लीकेज जैसी समस्याएं बढ़ने लगीं।

पिछले कुछ समय में कुर्ला, भांडुप और दादर में वेट-लीज इलेक्ट्रिक एसी बसों के साथ बड़े हादसे हुए हैं। हाल ही में ओशिवारा डिपो के निरीक्षण में 22 बसों में लीकेज की खराबी मिली थी। अजय सिंह ने बताया कि ब्रेक सिस्टम में एयर-प्रेशर लीक की समस्या गंभीर है। अप्रैल 2026 में 89 बसों, मई में 91 और जून के पहले पखवाड़े में 49 बसों में ऐसी खामियां पाई गईं। कुर्ला डिपो में भी ओलेक्ट्रा इलेक्ट्रिक बसों में ऐसी ही दिक्कतें देखी गईं।

अजय सिंह और वरिष्ठ सदस्य सुनील गणाचार्य ने पहले भी कहा था कि प्राइवेट ऑपरेटर्स बसों की अनदेखी कर रहे हैं, इसलिए इंजीनियरिंग विभाग को ही इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। सुरक्षा बढ़ाने के लिए BEST ने दादर हादसे के बाद सादे कपड़ों में इंस्पेक्टर तैनात किए हैं, जो ड्राइवरों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और नियमों के उल्लंघन पर नजर रखते हैं। साथ ही, नए ड्राइवरों के लिए चार हफ्ते की ट्रेनिंग भी अनिवार्य कर दी गई है ताकि वे इलेक्ट्रिक बसों को सही तरीके से चला सकें।