Mumbai में BEST बसों की हालत खराब, छतों से टपक रहा पानी और दरवाजे खराब; यात्रियों को हो रही परेशानी
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की खस्ता हालत एक बार फिर सामने आई है। मानसून की बारिश के बीच बसों की छतों से पानी टपकने और दरवाजों के सही से काम न करने की शिकायतें बढ़ गई हैं। सोमवार को BEST पैनल क
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की खस्ता हालत एक बार फिर सामने आई है। मानसून की बारिश के बीच बसों की छतों से पानी टपकने और दरवाजों के सही से काम न करने की शिकायतें बढ़ गई हैं। सोमवार को BEST पैनल के सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बसों के रखरखाव में बड़ी लापरवाही हो रही है, जिससे आम यात्रियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
पैनल सदस्य और शिव सेना (UBT) नेता नितिन नंदगांवकर ने बताया कि रूट 357 पर चलने वाली एक AC बस का दरवाजा खराब था, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। BEST की एक चिट्ठी के मुताबिक, पिछले कुछ समय में 868 बसें खराब पाई गईं, जिनमें से 774 को ठीक किया गया है। हालांकि, प्रशासन के दावों के बावजूद सड़कों पर खराब बसें दिखना सवाल खड़े करता है।
बीजेपी नेता अजय सिंह ने 30 जून को ओशिवारा डिपो के निरीक्षण के दौरान 22 ऐसी बसें पकड़ी थीं जिनकी छतों से पानी रिस रहा था। उन्होंने पूरे शहर में बसों की जांच कराने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने 2,551 वेट-लीज बसों की देखरेख के लिए 125 फुल-टाइम तकनीशियनों को तैनात करने का सुझाव भी दिया था ताकि सुरक्षा और भरोसा बढ़ सके।
BEST कमेटी की चेयरपर्सन तृष्णा विश्वासराव ने 23 जुलाई की मीटिंग में इस लापरवाही के लिए प्रशासन और प्राइवेट वेट-लीज ऑपरेटरों दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे डिपो और दुर्घटना स्थलों पर जाकर खुद जमीनी हकीकत देखें। गौरतलब है कि जनवरी से मई 2026 के बीच वेट-लीज बसों से जुड़ी 249 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 10 लोगों की जान गई और 46 घायल हुए।