Maharashtra: मुंबई के Oshiwara बस डिपो में BEST पैनल के सदस्यों ने अचानक जांच की, जिसमें वेट लीज बसों की हालत खराब मिली। प्री-मानसून बारिश के बाद जब जांच के लिए हाई-प्रेशर वाटर जेट का इस्तेमाल किया गया, तो नई बसों में भी
Maharashtra: मुंबई के Oshiwara बस डिपो में BEST पैनल के सदस्यों ने अचानक जांच की, जिसमें वेट लीज बसों की हालत खराब मिली। प्री-मानसून बारिश के बाद जब जांच के लिए हाई-प्रेशर वाटर जेट का इस्तेमाल किया गया, तो नई बसों में भी पानी रिसता हुआ पाया गया। इस लापरवाही से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
बसों में क्या-क्या कमियां मिलीं
जांच के दौरान पुरानी बसों में लीकेज रोकने के लिए केवल स्टीकर जैसे पैच लगाए गए थे, जो पूरी तरह बेकार साबित हुए। इसके अलावा कई बसों के दरवाजे ठीक से बंद नहीं हो रहे थे और सामने के शीशे (windscreen) से विजिबिलिटी कम थी। सबसे गंभीर बात यह रही कि कुछ बसों में हैंडब्रेक लगाने के बाद भी गाड़ियां आगे बढ़ रही थीं। नई बसें, जिन्हें अभी RTO से मंजूरी मिलनी बाकी है, उनमें भी पानी का रिसाव देखा गया।
अधिकारियों ने क्या सख्त कदम उठाए
BEST पैनल सदस्य रमाकांत गुप्ता और अजय सिंह ने कहा कि ऐसी हालत में बसें चलाना यात्रियों के लिए खतरनाक होगा। इसके बाद BEST की जनरल मैनेजर सोनिया सेठी ने इलेक्ट्रिक बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग को एक हफ्ते से बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया है। साथ ही, खामियों को ठीक न करने वाले ठेकेदारों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। पैनल ने निर्देश दिया है कि भारी बारिश शुरू होने से पहले सभी लीकेज पॉइंट्स को पूरी तरह ठीक किया जाए।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताएं
पैनल की चेयरपर्सन तृष्णा विश्वासराव ने सभी वेट-लीज बसों के ऑडिट का आदेश दिया है। उन्होंने साफ किया है कि असुरक्षित बसों को सड़कों पर नहीं उतरने दिया जाएगा। हाल के समय में कुर्ला, प्रतिक्षा नगर और सांताक्रूज डिपो में बसों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे रखरखाव को लेकर चिंता और बढ़ गई है। अब PMI जैसी कंपनियों और अन्य ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Oshiwara डिपो की बसों में क्या समस्या पाई गई?
बसों में पानी का रिसाव (leakage), खराब दरवाजे, कम विजिबिलिटी और हैंडब्रेक की विफलता जैसी गंभीर खामियां मिलीं।
खामियां पाए जाने पर BEST प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
प्रशासन ने लापरवाही बरतने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है और ड्राइवरों की ट्रेनिंग अवधि को बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया है।