Mumbai में BEST बसों की हालत खराब, BMC ने रोका 1,000 करोड़ रुपये का फंड

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने साल 2026-27 के लिए BEST को मिलने वाली 1,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद को फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला बसों में

Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने साल 2026-27 के लिए BEST को मिलने वाली 1,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद को फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला बसों में बढ़ते हादसों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लिए गए कड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

फंड रोकने की मुख्य वजह क्या है?

BMC कमेटी ने बसों की सुरक्षा और खराब मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं। 8 जून 2026 को दादर में हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह लोग घायल हुए, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। कमेटी का कहना है कि प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट (wet-lease) पर चलने वाली बसों के ड्राइवरों को जरूरी 6 महीने की ट्रेनिंग के बजाय सिर्फ 3 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा, BEST की 65% से ज्यादा बसें अब प्राइवेट लीज पर हैं, जो चिंता का विषय है।

BEST की वित्तीय स्थिति और कर्ज का ब्यौरा

विवरण राशि/आंकड़े
मांगी गई कुल सहायता 4,000 करोड़ रुपये
प्रस्तावित सहायता पैकेज 1,000 करोड़ रुपये
प्रॉपर्टी टैक्स एडजस्टमेंट 93.78 करोड़ रुपये
वास्तविक मिलने वाली मदद 906.21 करोड़ रुपये
2012-26 के बीच मिली कुल मदद 12,312 करोड़ रुपये
कर्मचारियों का बकाया भुगतान 3,500 करोड़ रुपये से अधिक

आगे क्या होगा और क्या सुधार मांगे गए हैं?

स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर शिंदे ने BEST के बड़े अधिकारियों को तलब किया है। उन्होंने फंड के इस्तेमाल और खर्चों का पूरा ब्यौरा मांगा है। BMC ने साफ कर दिया है कि सिर्फ पैसा देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि BEST को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना होगा। 5 जून 2026 को मुख्यमंत्री ने भी इस स्थिति को सुधारने के लिए एक मीटिंग की थी। अब रिपोर्ट आने के बाद ही फंड पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

BMC ने BEST का फंड क्यों रोका?

मुख्य रूप से दादर हादसे जैसी सुरक्षा घटनाओं, ड्राइवरों की अधूरी ट्रेनिंग और BEST के बढ़ते कर्ज के कारण फंड रोका गया है।

BEST के कर्मचारियों का कितना पैसा बकाया है?

ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट लाभों सहित कर्मचारियों का 3,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है।