Mumbai के समुद्र तटों पर लौटा कचरा, भारी बारिश और हाई टाइड के बाद किनारे आए 2,500 टन अवशेष

Maharashtra: मुंबई में भारी मानसूनी बारिश और समुद्र में उठी ऊंची लहरों के कारण शहर के बीचों-बीच कचरे का ढेर लग गया है। लगभग 2,500 मीट्रिक टन कचरा वापस बहकर समुद्र तटों पर आ गया है, जिससे जुहू बीच जैसे मशहूर इलाके सबसे ज्

Maharashtra: मुंबई में भारी मानसूनी बारिश और समुद्र में उठी ऊंची लहरों के कारण शहर के बीचों-बीच कचरे का ढेर लग गया है। लगभग 2,500 मीट्रिक टन कचरा वापस बहकर समुद्र तटों पर आ गया है, जिससे जुहू बीच जैसे मशहूर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

BMC के मुताबिक, लोग नालों और खुले ड्रेनेज सिस्टम में जो कचरा फेंकते हैं, वह बारिश के पानी के साथ अरब सागर में चला जाता है। जब हाई टाइड आता है, तो यही कचरा लहरों के साथ वापस किनारे पर आ जाता है। इस कचरे में मुख्य रूप से प्लास्टिक, थर्माकोल, पुराने कपड़े, लकड़ी के टुकड़े और घरों से निकला कूड़ा शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में फेंका गया यह सामान डूबता नहीं है, बल्कि तैरता रहता है और मानसून की लहरें इसे वापस तट पर धकेल देती हैं।

यह समस्या केवल अभी की नहीं है। इससे पहले 9 से 19 जुलाई के बीच भी BMC ने एक विशेष सफाई अभियान चलाया था, जिसमें समुद्र तटों से करीब 2,498.66 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया गया था। उस दौरान अकेले जुहू बीच से 11 दिनों में 1,825 मीट्रिक टन कचरा निकाला गया था। पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने इस स्थिति के लिए मानसून से पहले नालों की सफाई (desilting) में कमी को जिम्मेदार ठहराया था।

कचरे की इस समस्या से निपटने के लिए BMC अब एक नया कदम उठाने जा रही है। जुलाई के अंत तक एक इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन (C&D) वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे पर नजर रखी जाएगी, ताकि लोग इसे अवैध तरीके से मैंग्रोव, नालों या सड़क किनारे न फेंकें।