Maharashtra: मुंबई के सबसे बड़े चॉल पुनर्विकास प्रोजेक्ट में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Naigaon के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर BDD कॉम्प्लेक्स में आज से 537 परिवारों को उनके नए घरों की चाबियाँ सौंपी जा रही हैं। इसके साथ ही Naiga
Maharashtra: मुंबई के सबसे बड़े चॉल पुनर्विकास प्रोजेक्ट में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Naigaon के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर BDD कॉम्प्लेक्स में आज से 537 परिवारों को उनके नए घरों की चाबियाँ सौंपी जा रही हैं। इसके साथ ही Naigaon में अब तक कुल 2,784 पुनर्वास इकाइयां बांटी जा चुकी हैं।
नए घरों में क्या बदलाव आए और कितनी जगह मिलेगी
पुनर्विकास के बाद अब रहने वालों को 160 स्क्वायर फीट के एक कमरे वाले छोटे मकानों की जगह 500 स्क्वायर फीट के दो बेडरूम वाले फ्लैट मिल रहे हैं। MHADA ने टावर 1, 2 और 3 के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी कर दिया है। जिन लोगों के घर अभी बन रहे हैं, उन्हें रहने के लिए ट्रांजिट आवास या 11 महीने के लिए 25,000 रुपये प्रति माह का किराया दिया जा रहा है।
BDD चॉल प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर का क्या है अपडेट
इस पूरे प्रोजेक्ट का लक्ष्य Naigaon, Worli और Parel में कुल 15,593 फ्लैट बनाना है, जिसमें से अब तक 18% काम पूरा हो चुका है। यह पूरा प्रोजेक्ट 2029 तक खत्म होगा। दूसरी तरफ, Sewri-Worli एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए Prabhadevi की हाजी नूरानी चॉल और लक्ष्मी निवास चॉल को गिराया गया है। 1,051.86 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कॉरिडोर का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होना है।
बदलती जीवनशैली और चॉल संस्कृति पर असर
आर्किटेक्ट मिहिर वैद्य के मुताबिक, इस बदलाव से पुरानी ‘चॉल संस्कृति’ खत्म हो रही है। पहले लोग अपने दरवाजों के बाहर मिल-जुलकर रहते थे और सामाजिक रिश्ते मजबूत थे, लेकिन अब लोग हाई-राइज बिल्डिंग्स के बंद कमरों में सिमट रहे हैं। साथ ही, कुछ निवासी नए फ्लैट्स के भारी मेंटेनेंस चार्ज को लेकर चिंतित हैं और लाइफटाइम जीरो मेंटेनेंस की मांग कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BDD चॉल पुनर्विकास प्रोजेक्ट का लक्ष्य क्या है और यह कब तक पूरा होगा
इस प्रोजेक्ट के तहत Naigaon, Worli और Parel में कुल 15,593 फ्लैट बनाने का लक्ष्य है। इस पूरे काम के 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।
Sewri-Worli एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए किन चॉलों को हटाया गया
Prabhadevi इलाके की हाजी नूरानी चॉल और लक्ष्मी निवास चॉल को इस कॉरिडोर के पिलर लगाने के लिए गिराया गया है, जिसका काम दिसंबर 2026 तक पूरा होगा।