Mumbai में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध, Bar Association ने जताया कड़ा ऐतराज
Maharashtra: मुंबई में शिक्षा के भविष्य और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने पर कानूनी जगत में आक्रोश है। बॉम्बे सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट बार एसोसि
Maharashtra: मुंबई में शिक्षा के भविष्य और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने पर कानूनी जगत में आक्रोश है। बॉम्बे सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट बार एसोसिएशन समेत कई कानूनी संस्थाओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। वकीलों का कहना है कि संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार कानून के शासन में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
24 जुलाई 2026 को ओल्ड सचिवालय बिल्डिंग में हुई एक जरूरी बैठक में बार एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई के वीडियो और रिपोर्ट पर गहरी चिंता जताई। एसोसिएशन ने कहा कि महिला छात्रों के साथ कथित मारपीट, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना बहुत परेशान करने वाला है। उनका मानना है कि पुलिस को अपनी कार्रवाई में संयम बरतना चाहिए और नागरिकों की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
इस मामले में मुंबई पुलिस ने दादर विरोध प्रदर्शन के एक वायरल वीडियो पर सफाई दी है। पुलिस के डीसीपी (ऑपरेशंस) ने कहा कि वीडियो का गलत मतलब निकाला जा रहा है और अधिकारी केवल एक पुरुष प्रदर्शनकारी को रोकने की कोशिश कर रहा था, तभी एक महिला वहां आ गई। वहीं, दूसरी ओर एक पुलिसकर्मी का वीडियो सामने आने के बाद उसे हटा दिया गया है, जिसमें वह छात्रों को ड्रग्स प्लांट करने की धमकी दे रहा था।
छात्रों की मदद के लिए वरिष्ठ वकील Satish Maneshinde ने घोषणा की है कि वह उन सभी छात्रों के लिए मुफ्त (pro bono) कानूनी मदद करेंगे जिन पर प्रदर्शन के कारण केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा, वकील Sagar Devre ने शिवाजी पार्क और माहिम पुलिस समेत महाराष्ट्र के गृह सचिव को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस नाबालिगों को पांच घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखने और महिलाओं को शाम 6 बजे के बाद थाने में रखने के आरोप में दिया गया है।
इस पूरे विवाद में राजनीतिक मोड़ भी आया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी सदानंद डेट और पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से मुलाकात की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में 500 से 700 छात्रों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और उन पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई।
सिर्फ मुंबई ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस हिंसा की निंदा की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चीफ मनन कुमार मिश्रा की टिप्पणियों को लेकर अन्य कानूनी निकायों में नाराजगी देखी गई है।