Mumbai के Bandra तट पर मिला 26 फीट का व्हेल बच्चा, बचाने की कोशिश रही नाकाम, मौत के बाद किया गया दफन
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा इलाके के पथरीले तट पर शनिवार सुबह एक 26 फीट लंबा हंपबैक ब्लू व्हेल का बच्चा मिला था। उसे बचाने के लिए प्रशासन और कई विभागों ने मिलकर बड़ी कोशिश की, लेकिन अंत में इस व्हेल बच्चे की मौत हो गई।
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा इलाके के पथरीले तट पर शनिवार सुबह एक 26 फीट लंबा हंपबैक ब्लू व्हेल का बच्चा मिला था। उसे बचाने के लिए प्रशासन और कई विभागों ने मिलकर बड़ी कोशिश की, लेकिन अंत में इस व्हेल बच्चे की मौत हो गई। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे इसके शव को वर्सोवा ले जाकर दफना दिया गया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में महाराष्ट्र सुरक्षा बल, मैंग्रोव प्रोटेक्शन सेल, मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय मछुआरों ने हाथ मिलाया। वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के निर्माण में लगे कर्मचारियों ने अपनी क्रेन की मदद से व्हेल को संभालने में सहायता की। वन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सकों ने भी मौके पर पहुंचकर इलाज की कोशिश की। राउंड फॉरेस्ट ऑफिसर साईनाथ साल्वे ने पुष्टि की कि तमाम कोशिशों के बाद भी व्हेल को बचाया नहीं जा सका।
समुद्री विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस घटना पर अपनी राय दी है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के अध्यक्ष और रिटायर्ड IAS अधिकारी प्रवीण परदेशी ने बताया कि जब व्हेल तट पर फंस जाती हैं, तो पानी के बिना उनके आंतरिक अंग काम करना बंद कर देते हैं, जिससे उनका बचना मुश्किल होता है। एक्सपर्ट दिपानी सुतारिया के मुताबिक, यह एक लुप्तप्राय प्रजाति है। उन्होंने अनुमान लगाया कि मानसून के दौरान शिकार करते समय या अपनी मां से बिछड़ने की वजह से यह बच्चा रास्ता भटककर पथरीले तट से टकरा गया होगा।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के नियमों के मुताबिक, समुद्री जीवों के शवों को दफनाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस मामले में भी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शव का पोस्टमार्टम किया गया और जैविक नमूने लिए गए ताकि मौत की सटीक वजह पता चल सके। नेटकनेक्ट फाउंडेशन के निदेशक बी एन कुमार ने इस घटना को प्रकृति की एक चेतावनी बताया और तटीय पानी की गिरती सेहत पर चिंता जताई। राज्य एजेंसियां अब इस पूरी घटना की जांच कर रही हैं।