Maharashtra: मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर स्लम इलाके में अब अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने वेस्टर्न रेलवे को यहां चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को जारी रखने की इजाजत दे दी है। क
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर स्लम इलाके में अब अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने वेस्टर्न रेलवे को यहां चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को जारी रखने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने यह फैसला 29 अप्रैल 2026 को सुनाया, जिससे रेलवे अब अवैध ढांचों को गिराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।
किसे मिलेगी राहत और किनके घर टूटेंगे?
कोर्ट ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माणों के खिलाफ होगी। 10 और 11 अगस्त 2021 को किए गए सर्वे में जिन लोगों को पात्र (Eligible) पाया गया था, उनके अधिकारों की रक्षा की जाएगी। ऐसे पात्र निवासियों को बिना वैकल्पिक आवास दिए वहां से नहीं हटाया जाएगा। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन होना चाहिए।
पुनर्वास और रेलवे प्रोजेक्ट की क्या है योजना?
रेलवे की तरफ से वकील आयुष केडिया ने कोर्ट को बताया कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास MMRDA द्वारा किया जाएगा। यह पुनर्वास ‘मुंबई वन’ प्रोजेक्ट के तहत होगा, जिसमें वेस्टर्न रेलवे की लाइन 6 का विकास शामिल है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 8 जुलाई 2026 को तय की गई है।
| संबंधित संस्था |
भूमिका |
| Bombay High Court |
कार्रवाई की मंजूरी और शर्तें तय कीं |
| Western Railway |
अवैध निर्माणों को हटाने का काम करेगी |
| MMRDA |
पात्र लोगों के पुनर्वास की जिम्मेदारी |
| Garib Nagar Rahiwasi Welfare Sangh |
अधिकारों के लिए याचिका दायर की |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सभी झोपड़ियां गिरा दी जाएंगी?
नहीं, केवल अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। अगस्त 2021 के सर्वे में जो लोग पात्र पाए गए हैं, उन्हें वैकल्पिक आवास देने के बाद ही हटाया जाएगा।
पात्र लोगों का पुनर्वास कौन करेगा?
पात्र लोगों का पुनर्वास MMRDA द्वारा मुंबई वन प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा, जो वेस्टर्न रेलवे की लाइन 6 के विकास से जुड़ा है।