Maharashtra : मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन से अवैध कब्जे हटाने का काम शुरू हो गया है। 19 मई 2026 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक करीब 100 झोपड़ियां गिराई जा चुकी हैं। यह कार्रवाई रेलवे सुर
Maharashtra : मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन से अवैध कब्जे हटाने का काम शुरू हो गया है। 19 मई 2026 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक करीब 100 झोपड़ियां गिराई जा चुकी हैं। यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा जोन को खाली कराने और भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन साफ करने के लिए की जा रही है।
क्यों की जा रही है यह कार्रवाई और क्या है लक्ष्य
Western Railway के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Vineet Abhishek ने बताया कि इस पांच दिनों के अभियान का मकसद लगभग 5,300 वर्ग मीटर जमीन को मुक्त कराना है। इस जमीन का इस्तेमाल रेलवे सेफ्टी जोन को बेहतर बनाने और क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। यह अभियान 23 मई 2026 तक जारी रहेगा।
कोर्ट के आदेश और सुरक्षा इंतजाम
यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि 2021 के सर्वे में जिन पात्र झुग्गीवासियों की पहचान हुई थी, उनके अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें बिना वैकल्पिक आवास के नहीं हटाया जाएगा। इस ऑपरेशन के लिए रेलवे पुलिस (RPF), GRP, मुंबई पुलिस और नागरिक प्रशासन के 1,000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।
आम जनता और यात्रियों को क्या होगा फायदा
| प्रोजेक्ट/लक्ष्य |
फायदा |
| 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन |
सांताक्रूज-मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी |
| ट्रेनों की संख्या |
मुंबई से करीब 50 अतिरिक्त ट्रेनें शुरू हो सकेंगी |
| रेलवे सेफ्टी जोन |
पटरियों के पास अवैध निर्माण हटने से सुरक्षा बढ़ेगी |
| RLDA प्रोजेक्ट |
भविष्य में व्यावसायिक पुनर्विकास का रास्ता खुलेगा |
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह अभियान कब तक चलेगा और कितनी जमीन खाली की जाएगी?
यह अभियान 19 मई से 23 मई 2026 तक चलेगा। इसका लक्ष्य रेलवे सुरक्षा जोन और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 5,300 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है।
क्या पात्र झुग्गीवासियों को हटाया जा रहा है?
कोर्ट के आदेशानुसार, 2021 के सर्वे में पहचाने गए पात्र निवासियों को बिना वैकल्पिक आवास दिए नहीं हटाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित चिह्नित संरचनाओं को नहीं छेड़ा जा रहा है।