Maharashtra: मुंबई के Bandra East स्थित Garib Nagar में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया गया। 19 मई से शुरू हुआ यह अभियान 23 मई तक चलेगा, जिसमें अब तक कई घर गिराए जा चुके हैं। भीषण गर्मी के बीच सै
Maharashtra: मुंबई के Bandra East स्थित Garib Nagar में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया गया। 19 मई से शुरू हुआ यह अभियान 23 मई तक चलेगा, जिसमें अब तक कई घर गिराए जा चुके हैं। भीषण गर्मी के बीच सैकड़ों परिवार, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, अपने सामान के साथ सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
यह कार्रवाई क्यों की गई और क्या है पूरा मामला?
Western Railway ने बताया कि यह अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद चलाया गया है। रेलवे को सुरक्षा जोन और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 5,300 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। इस जमीन का इस्तेमाल Integrated Bandra Railway Complex बनाने और छठी रेलवे लाइन के विस्तार के लिए किया जाएगा, जिससे Bandra Terminus से करीब 50 अतिरिक्त मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चल सकेंगी।
कार्रवाई की मुख्य बातें और आंकड़े
| विवरण |
जानकारी |
| अभियान की तारीख |
19 मई से 23 मई, 2026 |
| कुल प्रभावित क्षेत्र |
5,200 से 5,300 वर्ग मीटर |
| कुल गिराए जाने वाले ढांचे |
लगभग 500 |
| पहले दिन की कार्रवाई |
100 से ज्यादा ढांचे गिराए गए |
| सुरक्षित रखे गए ढांचे |
करीब 100 (पुनर्वास के पात्र) |
| तैनात बल |
1,000 रेलवे कर्मी और 400 मुंबई पुलिसकर्मी |
निवासियों और अधिकारियों के दावों में क्या अंतर है?
Western Railway के CPRO विनीत अभिषेक का कहना है कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है और कोर्ट के निर्देशों के तहत ही हो रहा है। वहीं, Garib Nagar के रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें घर खाली करने के लिए बहुत कम समय दिया गया। कई परिवारों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है और मुआवजे की बात करने पर उन्हें ठीक से जवाब नहीं मिला।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Bandra में घर क्यों गिराए जा रहे हैं?
यह कार्रवाई रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए की जा रही है ताकि Integrated Bandra Railway Complex बनाया जा सके और ट्रेनों की क्षमता बढ़ाई जा सके।
क्या सभी घरों को गिराया गया है?
नहीं, 2021 के सर्वे में जिन लोगों को पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए पात्र पाया गया था, उनके लगभग 100 ढांचों को नहीं छुआ गया है।