Mumbai: बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर में मलबे के बीच रहने को मजबूर 100 परिवार, मानसून में बढ़ी मुसीबत
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में करीब 100 परिवार इस समय बहुत बुरे हालात में हैं। रेलवे के काम के लिए उनके घर तोड़ दिए गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक कहीं और बसाया नहीं गया है। अब मानसून की बारिश श
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में करीब 100 परिवार इस समय बहुत बुरे हालात में हैं। रेलवे के काम के लिए उनके घर तोड़ दिए गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक कहीं और बसाया नहीं गया है। अब मानसून की बारिश शुरू हो गई है और ये लोग टूटे हुए घरों और मलबे के बीच रहने को मजबूर हैं।
यह पूरा मामला रेलवे की पांचवीं और छठी लाइन बिछाने और स्टेशन के विस्तार के काम से जुड़ा है। बॉम्बे हाई कोर्ट के 29 अप्रैल 2026 के आदेश के बाद 19 से 23 मई 2026 के बीच यहां बड़ा तोड़फोड़ अभियान चलाया गया था। इस दौरान करीब 600 में से 500 घरों को गिरा दिया गया। जिन 100 परिवारों को सालों पहले पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए पात्र माना गया था, उनके घरों की ऊपरी मंजिलें तोड़ दी गईं।
मौजूदा स्थिति यह है कि कई घरों की छतें टूट चुकी हैं, सीढ़ियां बीच में ही खत्म हो गई हैं और बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने 9 जून 2026 को MMRDA को पत्र लिखकर इन परिवारों के लिए जल्द से जल्द वैकल्पिक आवास की मांग की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास के लिए पहली रिक्वेस्ट सितंबर 2025 में ही भेज दी गई थी।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| टूटने वाले घरों की संख्या | करीब 500 (600 में से) |
| पात्र परिवारों की संख्या | लगभग 100 |
| कोर्ट का आदेश | 29 अप्रैल 2026 (बॉम्बे हाई कोर्ट) |
| पुनर्वास की संभावित तारीख | जुलाई 2026 के अंत तक |
| कारण | रेलवे की 5वीं और 6वीं लाइन का निर्माण |
| वर्तमान स्थिति | मलबे और क्षतिग्रस्त घरों में निवास |
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मलबे को हटाने का काम पूरा हो चुका है और जमीन की फेंसिंग की जा रही है ताकि लोग दोबारा वहां कब्जा न कर सकें। पुनर्वास की प्रक्रिया अगले चार महीनों में पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक इन परिवारों को बारिश के मौसम में टूटे मकानों में ही गुजारना होगा। इस मामले में 25 निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जहां उन्हें स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया। अब्दुल कदीर शेख नामक व्यक्ति इन परिवारों की कागजी कार्रवाई में मदद कर रहे हैं।