Maharashtra: मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड इलाके में एक चर्च की कीमती जमीन को बेचने का फर्जी ऑनलाइन विज्ञापन सामने आया है। इस विज्ञापन में जेसुइट पादरियों के रिट्रीट हाउस को 900 करोड़ रुपये में बेचने का दावा किया गया था, ज
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड इलाके में एक चर्च की कीमती जमीन को बेचने का फर्जी ऑनलाइन विज्ञापन सामने आया है। इस विज्ञापन में जेसुइट पादरियों के रिट्रीट हाउस को 900 करोड़ रुपये में बेचने का दावा किया गया था, जिसे लेकर अब ईसाई संगठनों और एक्टिविस्ट्स ने चिंता जताई है। चर्च अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह जमीन बिकाऊ नहीं है और विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है।
क्या है इस पूरे फर्जीवाड़े का मामला
बांद्रा के केन रोड स्थित 2.16 एकड़ की इस प्राइम प्रॉपर्टी को ‘येशुआ एंटरप्राइजेज’ नाम से ऑनलाइन लिस्ट किया गया था। विज्ञापन में दावा किया गया था कि जमीन के कागजात साफ हैं और कब्जा उपलब्ध है। खरीदारों से लेटर ऑफ इंटेंट और फंड प्रूफ मांगा जा रहा था। पनवेल के एक प्रॉपर्टी ब्रोकर ने बताया कि उसे यह विज्ञापन व्हाट्सएप के जरिए मिला था।
चर्च और अधिकारियों ने क्या कहा
बॉम्बे आर्कडायोसीज के प्रवक्ता फादर नाइजल बैरेट और पूर्व कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. फ्रेजर मस्कारेन्हास ने इसे एक शरारती व्यक्ति की हरकत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जमीन किसी भी कीमत पर नहीं बेची जा रही है। वॉचडॉग फाउंडेशन के गॉडफ्रे पिमेंटा ने इस मामले की शिकायत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बांद्रा में चर्च प्रॉपर्टी के साथ धोखाधड़ी का पुराना पैटर्न
बांद्रा इलाके में चर्च की जमीनों को निशाना बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2023 में भी इसी तरह के फर्जी विज्ञापन सामने आए थे। इससे पहले ‘मरीना मैनर’ प्रॉपर्टी मामले में 600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी, जिसमें कोर्ट ने आरोपी डॉ. अजय केनी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इस तरह के फर्जीवाड़े बार-बार सामने आ रहे हैं जिससे स्थानीय समुदाय में डर का माहौल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बांद्रा में किस प्रॉपर्टी को बेचने का फर्जी दावा किया गया है
बांद्रा बैंडस्टैंड के केन रोड पर स्थित जेसुइट पादरियों के रिट्रीट हाउस को बेचने का दावा किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2.16 एकड़ है।
फर्जी विज्ञापन में जमीन की क्या कीमत बताई गई थी
ऑनलाइन लिस्टिंग में इस प्राइम प्रॉपर्टी की कीमत 900 करोड़ रुपये बताई गई थी और खरीदारों से फंड प्रूफ मांगा जा रहा था।