Mumbai के Azad Maidan में विरोध प्रदर्शन पर कड़े नियम, CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत और FIR
Maharashtra: मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए नियम अब काफी सख्त हो गए हैं। हाल ही में Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ताओं ने NEET-UG और TET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस
Maharashtra: मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए नियम अब काफी सख्त हो गए हैं। हाल ही में Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ताओं ने NEET-UG और TET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और FIR दर्ज की। यह पूरा विवाद प्रदर्शन के समय और नियमों के उल्लंघन को लेकर बढ़ा है।
आजाद मैदान को विरोध प्रदर्शन का केंद्र बनाने की शुरुआत 1997 के एक कोर्ट केस से हुई थी, जब दक्षिण मुंबई के निवासियों ने शोर-शराबे की शिकायत की थी। इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी रैलियां और प्रदर्शन आजाद मैदान पर ही खत्म होंगे। अब मुंबई पुलिस ने ‘पब्लिक मीटिंग्स, एजिटेशंस एंड प्रोसेशन रूल्स 2025’ लागू किए हैं, जिसके तहत विरोध प्रदर्शन के लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं।
नए नियमों के मुताबिक, प्रदर्शन केवल वर्किंग डेज में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही हो सकते हैं। शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की मनाही है। एक समय में अधिकतम 5,000 लोग ही इकट्ठा हो सकते हैं। इसके अलावा, भूख हड़ताल करना, सरकारी कागजात या पुतले जलाना और भड़काऊ भाषण देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अलग से अनुमति और तय डेसिबल लेवल का पालन करना जरूरी है।
हालिया घटनाक्रम में, 18 जुलाई को शनिवार होने के कारण नियमों का उल्लंघन माना गया और पुलिस ने मरीन ड्राइव और आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। इसमें NCP (SP) के छात्र नेताओं और लेखक सुधीर धवले के नाम शामिल हैं। वहीं 19 जुलाई को CSMT के पास सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे 15 से 20 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने आजाद मैदान जाने वाले रास्तों की घेराबंदी कर दी थी।
CJP के कोर कमेटी सदस्य प्रणय अहिरे ने कहा कि उन्हें 16 जुलाई के प्रदर्शन की अनुमति मिली थी और उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है। दूसरी ओर, NCP प्रवक्ता अनीश गावंडे ने इन नियमों को असंवैधानिक और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है। दिल्ली में भी CJP के कार्यकर्ता जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस के अनुसार उन्हें संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मिली है।