Mumbai के अशोक नगर में भूस्खलन के बाद BMC का एक्शन, खतरे वाले इलाके से परिवारों को हटाने की कोशिश

Maharashtra/Mumbai: घाटकोपर वेस्ट के अशोक नगर इलाके में हुए दर्दनाक भूस्खलन के बाद अब BMC वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। 12 अगस्त को हुई इस घटना में 8 लोगों की जान चली गई थी और 7 लोग घा

Maharashtra/Mumbai: घाटकोपर वेस्ट के अशोक नगर इलाके में हुए दर्दनाक भूस्खलन के बाद अब BMC वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। 12 अगस्त को हुई इस घटना में 8 लोगों की जान चली गई थी और 7 लोग घायल हुए थे। प्रशासन अब उन परिवारों को वहां से हटाने में जुटा है जो अब भी इस खतरनाक जगह पर रह रहे हैं।

L वार्ड के असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर अनिल जाधव ने बताया कि मानसून से पहले मई 2026 में ही लोगों को चेतावनी दे दी गई थी और इलाके में बोर्ड भी लगाए गए थे कि यह जगह भूस्खलन के लिए संवेदनशील है। इसके बावजूद कई परिवार वहां से हटने को तैयार नहीं थे। अब BMC ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं और करीब 25 से 50 परिवारों को समझा-बुझाकर बाहर निकाला गया है। इन परिवारों के रहने के लिए साकिनाका के मोहिली स्कूल में अस्थायी इंतजाम किए गए हैं।

इस हादसे के बाद मुंबई मेयर रितु तावडे ने मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। मुंबई सबअर्बन कलेक्टर सौरभ कटियार ने साफ किया है कि यह इलाका रिहायशी तौर पर अनधिकृत है और बहुत जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि मानसून खत्म होने के बाद BMC के साथ मिलकर एक रिव्यू किया जाएगा, जिसके बाद अवैध निवासियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

BMC ने इस मामले में जिला कलेक्टर और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संपर्क किया है क्योंकि जमीन उन्हीं की है। वहीं, मुंबई क्लाइमेट एक्शन प्लान (MCAP) के मुताबिक शहर में 249 ऐसी जगहें हैं जहां भूस्खलन का खतरा ज्यादा है। एक्सपर्ट पी.के. दास का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और पहाड़ों के साथ छेड़छाड़ की वजह से अब ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए समय रहते लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना जरूरी है।