Maharashtra: मुंबई के Antop Hill इलाके में एक ऐसा कब्रिस्तान है जो भारत और चीन के पुराने रिश्तों की कहानी कहता है। करीब 135 साल पुराना यह कब्रिस्तान शहर में रहने वाले चीनी समुदाय के लिए एक आखिरी सुकून की जगह है। वर्तमान
Maharashtra: मुंबई के Antop Hill इलाके में एक ऐसा कब्रिस्तान है जो भारत और चीन के पुराने रिश्तों की कहानी कहता है। करीब 135 साल पुराना यह कब्रिस्तान शहर में रहने वाले चीनी समुदाय के लिए एक आखिरी सुकून की जगह है। वर्तमान में Shaikh Mistry रोड इस कब्रिस्तान को दो हिस्सों में बांटता है, लेकिन इसकी सांस्कृतिक अहमियत आज भी बरकरार है।
इस कब्रिस्तान की खास बातें क्या हैं?
- यह कब्रिस्तान करीब 2,000 वर्ग गज में फैला हुआ है।
- मुख्य गेट पर एक लाल और सफेद रंग का मंदिर जैसा ढांचा है।
- गेट पर चार चीनी अक्षर लिखे हैं, जिसका मतलब ‘Peace-Ful Hill Garden’ होता है।
- यहाँ मुंबई के चीनी समुदाय के लोग अपने पूर्वजों को याद करने आते हैं।
चीनी समुदाय यहाँ कब और कैसे आते हैं?
Indian Chinese समुदाय के सदस्य स्टीव यी ने बताया कि उनके परिवार के लोग 1930 के दशक में बॉम्बे आए थे। चीनी रीति-रिवाजों के अनुसार, लोग चीनी नव वर्ष के एक महीने बाद अपने प्रियजनों की कब्र पर जाते हैं। इसके अलावा, कई लोग नए साल की पूर्व संध्या पर Kwan Kung मंदिर जाने के बाद यहाँ आते हैं। लोग यहाँ मोमबत्तियाँ जलाते हैं, अगरबत्ती लगाते हैं और ‘Shang-chi’ यानी कागज के पैसे जलाकर अपनी परंपरा निभाते हैं।
इस जगह की देखरेख कौन करता है?
इस कब्रिस्तान की देखभाल से जुड़ी एक खास बात यह है कि यहाँ की मुखिया समरूनिस्सा शाह पिछले 70 सालों से इस जगह से जुड़ी हुई हैं। वह लंबे समय से इस कब्रिस्तान के रखरखाव और देखरेख का काम संभाल रही हैं, ताकि यह विरासत स्थल सुरक्षित रहे।