Maharashtra: मुंबई के Andheri West इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। साल 2005 की भयानक बाढ़ के बाद जिस Mogra पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव रखा गया था, वह अब हकीकत बनने के करीब है। Maharashtra Coastal Zon
Maharashtra: मुंबई के Andheri West इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। साल 2005 की भयानक बाढ़ के बाद जिस Mogra पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव रखा गया था, वह अब हकीकत बनने के करीब है। Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की सिफारिश केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (MoEF&CC) को भेज दी है।
Mogra पंपिंग स्टेशन प्रोजेक्ट की ताजा स्थिति क्या है?
इस प्रोजेक्ट को लेकर बुधवार, 27 मई 2026 को MoEF&CC की एक अहम बैठक होनी है। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का मकसद मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकना है। पहले यह प्रोजेक्ट मैंग्रोव बफर जोन में आने के कारण अटका हुआ था, लेकिन अब इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। BMC ने इस काम के लिए जरूरी 33 करोड़ रुपये बॉम्बे हाई कोर्ट में जमा करा दिए हैं और मार्च 2025 से शुरुआती काम भी शुरू हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट से आम जनता को क्या फायदा होगा?
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक Andheri West और आसपास के करीब 1.5 लाख लोग हर साल भारी बारिश में बाढ़ जैसी स्थिति झेलते हैं। Mogra nullah की क्षमता कम होने के कारण हाई-टाइड के समय पानी बाहर नहीं निकल पाता। Lokhandwala Oshiwara Citizens Association का कहना है कि इस पंपिंग स्टेशन के बनने से इलाके के 10 लाख से ज्यादा निवासियों को जलभराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
प्रोजेक्ट के सामने क्या चुनौतियां आईं और अब क्या होगा?
फरवरी 2026 में Versova–Dahisar लिंक रोड के रास्ते की वजह से इस प्रोजेक्ट की जगह थोड़ी बदलनी पड़ी, जिससे नए सिरे से पर्यावरण मंजूरी लेनी पड़ी। अब मंजूरी मिलने के बाद IIT-Bombay की देखरेख में डिजाइन और हाइड्रोलिक स्टडी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी परमिशन मिलने के बाद मानसून खत्म होते ही जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mogra पंपिंग स्टेशन प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 393 करोड़ रुपये है, जिसके लिए फंड 2021 में ही आवंटित कर दिए गए थे।
इस प्रोजेक्ट में देरी क्यों हुई?
यह प्रोजेक्ट मैंग्रोव बफर जोन में स्थित था और बाद में Versova–Dahisar लिंक रोड के अलाइनमेंट के कारण इसकी जगह बदलनी पड़ी, जिससे नई मंजूरी की जरूरत पड़ी।