Maharashtra: मुंबई के अंधेरी सबवे में बुधवार सुबह भारी बारिश की वजह से एक बार फिर पानी भर गया। इस वजह से सुबह करीब 7:40 बजे गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, BMC की टीम ने पंप लगाक
Maharashtra: मुंबई के अंधेरी सबवे में बुधवार सुबह भारी बारिश की वजह से एक बार फिर पानी भर गया। इस वजह से सुबह करीब 7:40 बजे गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, BMC की टीम ने पंप लगाकर करीब 40 मिनट में पानी निकाल दिया और 8:24 बजे रास्ता दोबारा खोला गया।
अंधेरी सबवे में बार-बार पानी क्यों भरता है?
BMC के अधिकारियों के मुताबिक यह एक स्ट्रक्चरल समस्या है। यहां चार बड़े नाले एक ही छोटे आउटफॉल में मिलते हैं, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है और बोतल जैसा जाम लग जाता है। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे ने साफ किया है कि इस साल भी बारिश के दौरान यहां पानी भरने की समस्या बनी रहेगी क्योंकि इसका पक्का समाधान अभी खोजा जा रहा है।
पानी की समस्या दूर करने के लिए क्या है BMC का प्लान?
BMC इस समस्या से निपटने के लिए दो बड़े विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें पानी को रोकने के लिए ‘होल्डिंग पोंड्स’ बनाना और पुराने ड्रेनेज नेटवर्क का रास्ता बदलना शामिल है। इसके लिए IIT Bombay की मदद ली जा रही है। BMC ने 15 जून 2026 तक योजना फाइनल करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इसका काम अक्टूबर 2026 के बाद ही शुरू होगा। इसका मतलब है कि लोगों को पूरी राहत अगले साल 2027 से ही मिलेगी।
पिछले कुछ सालों में कितनी बार बंद रहा सबवे?
अंधेरी सबवे की हालत पिछले कुछ सालों के आंकड़ों से समझी जा सकती है:
| साल |
बंद होने की संख्या |
कुल समय/दिन |
| 2025 |
33 बार |
27 दिन (कुल 49 घंटे) |
| 2024 |
35 बार |
– |
| 2023 |
21 बार |
– |
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ और सचिन सावंत ने BMC की तैयारी और खर्चों पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी विधायक अमित सतम ने होल्डिंग पोंड्स की प्रभावशीलता पर चिंता जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अंधेरी सबवे में पानी भरने की समस्या कब तक पूरी तरह ठीक होगी?
BMC का प्लान अक्टूबर 2026 के बाद शुरू होगा, इसलिए इस समस्या से पूरी तरह राहत मिलने में 2027 तक का समय लग सकता है।
भारी बारिश के दौरान BMC ने क्या इंतजाम किए हैं?
BMC ने शहर के जलजमाव वाले इलाकों में 550 डीवाटरिंग पंप तैनात किए हैं ताकि जमा हुए पानी को जल्दी निकाला जा सके।