Maharashtra: मुंबई में मानसून आने से पहले ही भारी बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। 4 जून 2026 को Andheri Subway में पानी भरने की वजह से इसे सुबह करीब 44 मिनट के लिए बंद करना पड़ा, जिससे लोगों को काफी परेशानी
Maharashtra: मुंबई में मानसून आने से पहले ही भारी बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। 4 जून 2026 को Andheri Subway में पानी भरने की वजह से इसे सुबह करीब 44 मिनट के लिए बंद करना पड़ा, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इस घटना के बाद अब राजनीति गरमा गई है और शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे और भाजपा के अमित सतम के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।
Andheri Subway में क्यों भरा पानी और क्या हुआ?
बुधवार सुबह 7:40 से 8:24 बजे तक Andheri Subway को ट्रैफिक के लिए बंद रखा गया। आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 से 8 बजे के बीच Andheri में 49 mm और Versova में 69 mm बारिश दर्ज की गई। BMC ने पंप लगाकर पानी निकाला और करीब 44 मिनट बाद रास्ता खोला। इस घटना के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी BMC की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।
आदित्य ठाकरे और अमित सतम के बीच क्या विवाद है?
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाले प्रशासन ने रेनवाटर होल्डिंग टैंक बनाने के प्रस्ताव को लागू नहीं किया, जो पिछली शिवसेना सरकार के समय शुरू हुआ था। वहीं, भाजपा नेता अमित सतम ने पलटवार करते हुए कहा कि Andheri Subway की बनावट अलग है और सिर्फ होल्डिंग पॉन्ड से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट से भी केवल 50 प्रतिशत राहत ही मिल सकती है।
BMC की तैयारी और आगे का प्लान क्या है?
BMC अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने शहर में 547 पंप तैनात किए हैं और रेलवे ने 403 अतिरिक्त पंप लगाए हैं। नगर निगम ने दावा किया कि उन्होंने ड्रेनेज की सफाई (desilting) का काम 100 प्रतिशत पूरा कर लिया है। फिलहाल IIT Bombay से एक तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है, जो 15 जून तक आएगी। इसके बाद तय होगा कि पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बदलनी है या नए टैंक बनाने हैं। असली काम अक्टूबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Andheri Subway कितने समय के लिए बंद रहा?
4 जून 2026 को भारी बारिश के कारण Andheri Subway सुबह 7:40 से 8:24 बजे तक, यानी लगभग 44 मिनट के लिए बंद रहा।
BMC इस समस्या का स्थायी समाधान कैसे निकाल रही है?
BMC वर्तमान में दो विकल्पों पर विचार कर रही है- या तो ड्रेनेज नेटवर्क को मोड़ा जाए या होल्डिंग टैंक बनाए जाएं। इसके लिए IIT Bombay से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है।