Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एयरपोर्ट को Confederation of Indian Industry (CII) की तरफ से ‘Zero Waste to Landf
Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एयरपोर्ट को Confederation of Indian Industry (CII) की तरफ से ‘Zero Waste to Landfill Platinum – Class I’ रेटिंग मिली है। यह सम्मान एयरपोर्ट द्वारा कचरे के सही निपटान और उसे लैंडफिल तक जाने से रोकने के प्रयासों के लिए दिया गया है।
मुंबई एयरपोर्ट ने कचरा प्रबंधन के लिए क्या किया?
एयरपोर्ट ने कचरा कम करने के लिए 5R सिद्धांतों (Reduce, Reuse, Repurpose, Recycle और Recover) को अपनाया है। जांच में पाया गया कि एयरपोर्ट अपने कुल कचरे का 99% से ज्यादा हिस्सा लैंडफिल में भेजने के बजाय रिसाइकिल या रिकवर कर लेता है। इसमें प्लास्टिक, गीला और सूखा कचरा समेत ऑपरेशनल वेस्ट का सही तरीके से बंटवारा और निपटान किया गया है।
बिजली और प्रदूषण कम करने के लिए क्या कदम उठाए?
CSMIA ने सिर्फ कचरा ही नहीं, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने पर भी जोर दिया है। नवंबर 2025 तक एयरपोर्ट ने Airport Carbon Accreditation (ACA) लेवल 5 हासिल कर लिया था, जो दुनिया में सबसे ऊंचा दर्जा है। एयरपोर्ट अब 100% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल कर रहा है और उसने अपनी ग्राउंड सपोर्ट मशीनों को इलेक्ट्रिक बना लिया है, जिससे ऊर्जा दक्षता में 40% से ज्यादा का सुधार हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Zero Waste to Landfill Platinum रेटिंग का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि मुंबई एयरपोर्ट अपने कचरे का 99% से अधिक हिस्सा रिसाइकिल या रिकवर कर रहा है और बहुत कम कचरा लैंडफिल (कूड़े के ढेर) में भेजा जा रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट ने प्रदूषण कम करने के लिए क्या किया है?
एयरपोर्ट ने 100% रिन्यूएबल एनर्जी अपनाई है और ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट को इलेक्ट्रिक किया है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है।