Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर तस्करी के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। Customs विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में सोने की तस्करी के मामलों में भारी गिरावट आ
Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर तस्करी के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। Customs विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में सोने की तस्करी के मामलों में भारी गिरावट आई है, जबकि नशीले पदार्थों की जब्ती में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी करने वाले गिरोह अब सोने की जगह ड्रग्स की तरफ बढ़ रहे हैं।
सोने की तस्करी में इतनी गिरावट क्यों आई?
Customs अधिकारियों के अनुसार, सोने की तस्करी घटने की मुख्य वजह सरकार द्वारा इम्पोर्ट ड्यूटी में की गई कटौती थी। जुलाई 2024 में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क 15% से घटाकर 6% कर दिया था। ड्यूटी कम होने से तस्करी में मुनाफा कम हो गया, जिससे तस्करी के मामलों में कमी आई। हालांकि, मई 2026 में सरकार ने ट्रेड डेफिसिट और विदेशी मुद्रा के बहाव को रोकने के लिए इस ड्यूटी को वापस बढ़ाकर 15% कर दिया है।
नशीले पदार्थों की जब्ती में कितनी बढ़ोत्तरी हुई?
डेटा के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में NDPS एक्ट के तहत पकड़े गए नशीले पदार्थों की मात्रा में जबरदस्त उछाल आया है। इसमें खासकर हाइड्रोपोनिक गांजे (hydroponic weed) की जब्ती सबसे ज्यादा बढ़ी है। एक सीनियर IRS अधिकारी ने बताया कि जो संगठित अपराध सिंडिकेट पहले सोने का काम करते थे, उन्होंने अब अपना ध्यान ड्रग्स की तस्करी पर लगा दिया है।
जब्ती के आंकड़ों पर एक नजर
| विवरण |
2023-24 |
2024-25 |
2025-26 (मार्च तक) |
| सोने की मात्रा |
999 kg |
501 kg |
80 kg |
| सोने की कीमत |
Rs 531 crore |
Rs 329 crore |
Rs 84 crore |
| सोने के केस |
1,463 |
723 |
139 |
| नारकोटिक्स विवरण |
2022-23 |
2025-26 (फरवरी तक) |
| जब्ती के केस |
14 |
235 |
| मात्रा |
24 kg |
1,395 kg |
| कुल कीमत |
Rs 186 crore |
Rs 1,512 crore |
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी कम होने का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण जुलाई 2024 में सोने की इम्पोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% करना था, जिससे तस्करी का मुनाफा कम हो गया और मामलों में गिरावट आई।
नशीले पदार्थों की जब्ती में कितनी वृद्धि हुई है?
साल 2022-23 में केवल 14 केस और 24 किलो ड्रग्स पकड़े गए थे, जो 2025-26 (फरवरी तक) बढ़कर 235 केस और 1,395 किलो हो गए हैं, जिनकी कीमत 1,512 करोड़ रुपये है।