Mumbai में एयरपोर्ट फनल जोन की पुरानी इमारतों का होगा पुनर्विकास, CM फडणवीस ने BMC को दिए तेज कार्रवाई के निर्देश

Maharashtra: मुंबई के सांताक्रूज, विले पारले और कुर्ला जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एयरपोर्ट फनल जोन में आने वाली पुरानी और जर्जर इमारतों के पुनर्विकास (Rede

Maharashtra: मुंबई के सांताक्रूज, विले पारले और कुर्ला जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एयरपोर्ट फनल जोन में आने वाली पुरानी और जर्जर इमारतों के पुनर्विकास (Redevelopment) की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया है। ऊंचाई की पाबंदियों की वजह से सालों से रुके हुए प्रोजेक्ट्स को अब रफ्तार मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विधान भवन में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में BMC और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे इन इलाकों में फंसे पुनर्विकास कार्यों को जल्द पूरा करें। यह समस्या मुख्य रूप से विमानन और रक्षा सुरक्षा नियमों के कारण ऊंचाई की पाबंदियों की वजह से बनी थी, जिससे बिल्डर्स और सोसाइटीज को दिक्कत आ रही थी। अब सरकार ने इस बाधा को दूर करने के लिए नए कदम उठाए हैं।

इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए CM फडणवीस ने ‘पोटेंशियल FSI’ (Potential FSI) मॉडल पेश किया है। इस नए मॉडल के तहत, अगर किसी इमारत की ऊंचाई फनल जोन की वजह से सीमित है, तो डेवलपर उस बचे हुए FSI को पास के किसी दूसरे प्लॉट पर इस्तेमाल कर सकेंगे जहां ऊंचाई की पाबंदी कम है। इससे प्रोजेक्ट्स आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो जाएंगे और पुराने मकानों की जगह नए घर बन सकेंगे।

सरकार ने BMC को निर्देश दिया है कि वह एयरपोर्ट फनल जोन और जुहू मिलिट्री ट्रांसमीटर स्टेशन के आसपास की सभी प्रभावित इमारतों की पूरी मैपिंग करे। साथ ही, शहरी विकास विभाग (UDD) को अब नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो SRA, MHADA और CIDCO जैसी संस्थाओं के साथ तालमेल बिठाकर काम करेगा।

इस फैसले का असर बहुत बड़े स्तर पर होगा क्योंकि इन इलाकों में करीब 6,000 इमारतें और लगभग 3.5 लाख किराएदार और मालिक रहते हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में DCPR-2034 नियमों में बदलाव कर TDR के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी और अप्रैल 2026 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने भी ऊंचाई के नियमों में लचीलापन दिखाया था, जिससे अब इन प्रोजेक्ट्स के रास्ते खुल गए हैं।