Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहर में अब साफ हवा मिलना एक लग्जरी बनता जा रहा है। शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर समय-समय पर बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। 9 मई 2026 को शहर के अलग-अलग इलाकों में
Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहर में अब साफ हवा मिलना एक लग्जरी बनता जा रहा है। शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर समय-समय पर बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। 9 मई 2026 को शहर के अलग-अलग इलाकों में AQI 39 से 107 के बीच दर्ज किया गया, जबकि पिछले 24 घंटों में यह 128 तक भी पहुंचा।
प्रदूषण के मुख्य कारण और सेहत पर असर क्या है?
मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के पीछे मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन का काम, सड़कों पर गाड़ियों का धुआं और फैक्ट्रियों से निकलने वाला उत्सर्जन है। सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहता है। डॉक्टर शरीफा चौसे के मुताबिक, PM2.5 जैसे छोटे कण और जहरीली गैसें सांस की नली में सूजन पैदा करती हैं, जिससे अस्थमा, एलर्जी और स्किन की बीमारियां बढ़ जाती हैं।
प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
प्रदूषण को काबू करने के लिए BMC ने अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 1,073 कंस्ट्रक्शन साइट्स को ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस जारी किए। अब सभी निर्माण स्थलों पर लाइव एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, जून 2026 तक IIT Kanpur के साथ मिलकर ‘MANAS’ नाम का एक AI सिस्टम लाया जाएगा, जिसमें 75 सेंसर होंगे जो शहर के अलग-अलग हिस्सों की सटीक जानकारी देंगे।
कोर्ट और सरकार का इस पर क्या कहना है?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण में BMC और MPCB के ढीले रवैये की कड़ी आलोचना की है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की निगरानी के लिए पूर्व जजों की एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई है। वहीं, पर्यावरण मंत्री पंकज मुंडे ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली साइट्स को नोटिस दिए गए हैं, लेकिन उन्होंने इसे पब्लिक हेल्थ क्राइसिस मानने से इनकार किया है। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सेहत के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई की हवा में सुधार के लिए कौन सा नया सिस्टम आ रहा है?
BMC और IIT Kanpur मिलकर ‘MANAS’ (Mumbai Air Network for Advanced Sciences) सिस्टम ला रहे हैं। यह जून 2026 तक लागू होगा और 75 सेंसर के जरिए शहर की हवा की रियल-टाइम जानकारी देगा।
प्रदूषण के कारण सेहत पर क्या असर पड़ रहा है?
PM2.5 कण और गाड़ियों के धुएं से सांस की नली में सूजन आ सकती है। इससे अस्थमा के मरीजों की हालत बिगड़ सकती है और लोगों में स्किन एलर्जी की समस्या बढ़ रही है।