Maharashtra: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र के पालघर जिले के डहाणू तालुका में स्थित अंबसारी गांव में तीसरी माउंटेन टनल (MT-07) का काम पूरा हो गया है। यह सुरंग 417 मीटर लंबी औ
Maharashtra: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र के पालघर जिले के डहाणू तालुका में स्थित अंबसारी गांव में तीसरी माउंटेन टनल (MT-07) का काम पूरा हो गया है। यह सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है, जिससे ट्रेन की दोनों दिशाओं की पटरियां आसानी से निकल सकेंगी।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति क्या है?
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2 जून 2026 को इस उपलब्धि की जानकारी दी। प्रोजेक्ट के तहत बोइसर और वापी स्टेशनों के बीच की सभी तीन माउंटेन टनल का काम अब पूरा हो चुका है। कुल मिलाकर इस पूरे प्रोजेक्ट का 60% से ज्यादा काम पूरा हो गया है।
| टनल नंबर |
लंबाई |
पूरा होने की तारीख |
| MT-08 |
350 मीटर |
5 अक्टूबर 2023 |
| MT-05 |
1.5 किलोमीटर |
2 जनवरी 2026 |
| MT-06 |
454 मीटर |
3 फरवरी 2026 |
| MT-07 |
417 मीटर |
1 जून 2026 |
आगे का प्लान और ट्रेन कब चलेगी?
इस प्रोजेक्ट में जापान की शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। जुलाई 2026 के पहले हफ्ते से 21 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का काम शुरू होगा, जिसमें 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे होगा। सरकार ने सूरत और वापी के बीच का हिस्सा 15 अगस्त 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा है। पूरी लाइन के दिसंबर 2029 तक तैयार होने की उम्मीद है।
सुरंग बनाने में कौन सी तकनीक इस्तेमाल हुई?
MT-07 सुरंग को बनाने के लिए दोनों तरफ से कंट्रोल ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तरीके का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षा के लिए इसमें सेंसर और सीस्मोग्राफ जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए थे ताकि कंपन और ढांचे की मजबूती पर नजर रखी जा सके। मजदूरों की सुरक्षा के लिए वेंटिलेशन और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कब तक शुरू होगी?
सूरत और वापी के बीच का हिस्सा 15 अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पूरी लाइन दिसंबर 2029 तक चालू हो सकती है।
MT-07 सुरंग की खासियत क्या है?
यह सुरंग पालघर के डहाणू में है, जिसकी लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है। इसे कंट्रोल ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक से बनाया गया है।