Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: भारत की पहली undersea टनल का काम शुरू, दूसरी TBM ने शुरू की खुदाई
Maharashtra: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ा बदलाव आया है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को दूसरी टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने भारत की पहली undersea यानी समुद्र के नीचे बनने वाली रेल टनल की खुदाई शुरू कर दी है। Nati
Maharashtra: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ा बदलाव आया है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को दूसरी टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने भारत की पहली undersea यानी समुद्र के नीचे बनने वाली रेल टनल की खुदाई शुरू कर दी है। National High Speed Rail Corporation Limited (NHSRCL) ने इस काम की आधिकारिक पुष्टि की है।
यह दूसरी मशीन नवी मुंबई के घनसोली स्थित सावली से विक्रोली की तरफ खुदाई करेगी। इससे पहले पहली TBM ने 5 जुलाई 2026 को विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की ओर अपना काम शुरू किया था। इस पूरे प्रोजेक्ट में टनल का काम काफी अहम है क्योंकि यह मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरेगा।
प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल अंडरग्राउंड टनल | 21 किलोमीटर |
| समुद्र के नीचे का हिस्सा | 7 किलोमीटर (ठाणे क्रीक के नीचे) |
| TBM से निर्माण | 16 किलोमीटर |
| NATM विधि से निर्माण | 5 किलोमीटर (पूरा हो चुका है) |
| TBM का आकार | 13.6 मीटर व्यास (4 मंजिला इमारत जितना ऊंचा) |
| TBM का वजन | लगभग 3,200 टन |
| TBM की लंबाई | 96 मीटर |
सुरक्षा के लिहाज से इस टनल को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया गया है। पानी को अंदर आने से रोकने के लिए डबल-लेयर EPDM गैस्केट और हाइड्रोफिलिक सील का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, खुदाई के दौरान जमीन के ऊपरी हिस्से में कोई गड़बड़ न हो, इसके लिए ‘प्रेसराइज्ड लिक्विड बेंटोनाइट स्लरी’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस पूरे प्रोजेक्ट को जापानी कंपनी JICA से कम ब्याज दर पर लोन मिला है और इसे जापान की शिंकानसेन तकनीक से बनाया जा रहा है। टनल बनाने की जिम्मेदारी Afcons Infrastructure Limited की है, जिनके पास ये खास जर्मन मशीनें हैं।