Maharashtra: मुंबई के खार इलाके में राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के घर के बाहर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राघव चड्ढा द्वारा AAP छोड़कर BJP में शामिल होने की खबरों के ब
Maharashtra: मुंबई के खार इलाके में राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के घर के बाहर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राघव चड्ढा द्वारा AAP छोड़कर BJP में शामिल होने की खबरों के बाद हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुतले फूंके, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई क्या रही?
रविवार, 26 अप्रैल 2026 को खार पुलिस स्टेशन के इलाके में AAP कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर विरोध जताया। पुलिस ने मुंबई वर्किंग प्रेसिडेंट Ruben Mascarenhas समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। मामले में सात से आठ AAP सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3) और 223 के तहत FIR दर्ज की गई है।
Raghav Chadha और अन्य सांसदों ने क्या कहा?
Raghav Chadha ने बताया कि वह और छह अन्य राज्यसभा सांसद AAP से अलग होकर BJP में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे पार्टी के बुनियादी सिद्धांतों से भटकाव और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। हालांकि, बाद में 27 अप्रैल को उन्होंने BJP से भी इस्तीफा दे दिया और वहां के माहौल को ‘टॉक्सिक’ बताया। वहीं, AAP नेता संजय सिंह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे BJP का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया और इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की।
हिरासत में लिए गए नेताओं का क्या हुआ?
पुलिस ने जिन AAP नेताओं को हिरासत में लिया था, उन्हें बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। AAP का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था, फिर भी उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में AAP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन क्यों किया?
यह प्रदर्शन राज्यसभा सांसद Raghav Chadha और अन्य सांसदों के AAP छोड़कर BJP में जाने की खबर के विरोध में किया गया था।
पुलिस ने किन धाराओं के तहत FIR दर्ज की है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3) और 223 के तहत मामला दर्ज किया है।