Maharashtra में बनेगा ‘तीसरा मुंबई’, 124 गांवों में 323 sq km में बसेगा नया शहर, सिंगापुर की कंपनी बनाएगी मास्टर प्लान
Maharashtra/Raigad: मुंबई और नवी मुंबई के बीच अब एक नया शहर बसने जा रहा है, जिसे ‘मुंबई 3.0’ या Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन कहा जा रहा है। MMRDA ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए सिंगापुर की कंपनी
Maharashtra/Raigad: मुंबई और नवी मुंबई के बीच अब एक नया शहर बसने जा रहा है, जिसे ‘मुंबई 3.0’ या Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन कहा जा रहा है। MMRDA ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए सिंगापुर की कंपनी Surbana Jurong के साथ समझौता किया है। यह नया शहर रायगढ़ जिले के 124 गांवों में करीब 323.44 sq km इलाके में फैला होगा, जिसका मकसद मुंबई पर आबादी का दबाव कम करना और आर्थिक विकास को रफ्तार देना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए 7 अगस्त 2026 को MMRDA और Surbana Jurong Infrastructure के बीच औपचारिक समझौता हुआ। यह कंपनी अब शहर का विजन डॉक्यूमेंट और मास्टर प्लान तैयार करेगी। साथ ही, सिंगापुर की Mapletree कंपनी ने रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर में 100 एकड़ के प्रोजेक्ट के लिए 1.1 बिलियन डॉलर से ज्यादा के निवेश का वादा किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस साझेदारी को ऐतिहासिक बताया है और कहा है कि इससे मुंबई महानगर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
यह नया शहर रणनीतिक रूप से अटल सेतु (MTHL), नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के करीब होगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट से डोमेस्टिक उड़ानें दिसंबर 2025 में और इंटरनेशनल उड़ानें मई 2026 से शुरू हो चुकी हैं, जिससे इस इलाके की अहमियत और बढ़ गई है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के मुताबिक, यहां ग्लोबल प्लानिंग और महाराष्ट्र की विकास जरूरतों का तालमेल बिठाकर एक टिकाऊ शहर बनाया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण को लेकर सरकार ने खास नियम बनाए हैं। जमीन मालिकों को आपसी सहमति से मुआवजा दिया जाएगा या फिर कैश की जगह FSI और TDR का विकल्प मिलेगा। प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के लिए 22.5% लैंड रिफंड स्कीम भी लागू होगी, जिसमें उन्हें विकसित प्लॉट दिए जाएंगे। FDI लाने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें कम से कम 100 एकड़ जमीन लेनी होगी और चार साल में 250 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल क्षेत्रफल | 323.44 sq km |
| शामिल गांव | 124 गांव (उरण, पनवेल और पेन तालुका) |
| प्लानिंग एजेंसी | Surbana Jurong (सिंगापुर) |
| मुख्य निवेश | Blackstone ($5 बिलियन), Mapletree ($1.1 बिलियन+) |
| कुल बजट | ₹37,000 से ₹63,000 करोड़ के बीच |
| पूर्ण होने का लक्ष्य | 2030 तक पूरी तरह चालू |