Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज 15 मई 2026 से पानी की सप्लाई में 10% की कटौती शुरू हो गई है। BMC ने यह फैसला झीलों में पानी का स्तर गिरने और मानसून की कमजोर संभावनाओं को देखते हुए लिया है। इस कटौती का अ
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज 15 मई 2026 से पानी की सप्लाई में 10% की कटौती शुरू हो गई है। BMC ने यह फैसला झीलों में पानी का स्तर गिरने और मानसून की कमजोर संभावनाओं को देखते हुए लिया है। इस कटौती का असर मुंबई के साथ-साथ ठाणे और भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम क्षेत्रों में भी दिखेगा।
पानी की कटौती क्यों की गई और कब तक रहेगी
BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 तक जलाशयों में केवल 28.35% पीने योग्य पानी बचा था। IMD ने इस साल मानसून के औसत से कम रहने का अनुमान जताया है, जिससे पानी की किल्लत हो सकती है। यह कटौती तब तक जारी रहेगी जब तक कि अच्छी बारिश नहीं हो जाती और झीलों का स्तर फिर से नहीं बढ़ जाता। BMC का लक्ष्य पानी को 31 अगस्त तक चलाना है।
आम जनता और हाउसिंग सोसायटियों पर क्या असर होगा
शहर की सोसायटियों में पानी बचाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। अब गाड़ियां धोने और गार्डनिंग के लिए पानी का इस्तेमाल कम करना होगा, साथ ही कुछ जगहों पर स्विमिंग पूल बंद करने पर विचार किया जा रहा है। कई इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है और लोग निजी टैंकरों का सहारा ले रहे हैं। BMC ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और पानी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करें।
पानी की वर्तमान स्थिति और बैकअप प्लान
मुंबई की पानी की सप्लाई सात झीलों से होती है। 11 मई तक कुल स्टॉक 23.52% बचा था। इस कमी को पूरा करने के लिए भातसा बांध से 1.47 लाख मिलियन लीटर और ऊपरी वैतरणा बांध से 90,000 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी लिया जाएगा। इससे 17 अगस्त 2026 तक पानी की आपूर्ति बनी रहने की उम्मीद है। भविष्य के लिए BMC 2030 तक भांडुप और Panjrapur में दो नए ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर सप्लाई दोगुनी करने की योजना बना रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पानी की कटौती कब से शुरू हुई और कितनी है
पानी की 10% कटौती आज 15 मई 2026 से लागू हो गई है। यह कटौती मुंबई, ठाणे और भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम क्षेत्रों में की गई है।
पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है
झीलों में पानी का स्तर कम होना, बढ़ता तापमान और IMD द्वारा मानसून के कमजोर रहने का अनुमान इस कटौती का मुख्य कारण है।