Maharashtra: मुंबई के गोराई, मनोरी और कुलवेम इलाके के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस लापरवाही पर महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने BMC पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
Maharashtra: मुंबई के गोराई, मनोरी और कुलवेम इलाके के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस लापरवाही पर महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने BMC पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने साफ कहा है कि बुनियादी सुविधाओं का न होना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
BMC पर जुर्माना क्यों लगा और अब क्या होगा
MSHRC ने पाया कि BMC ने गोराई, मनोरी और कुलवेम के निवासियों के लिए पर्याप्त श्मशान और कब्रिस्तान की सुविधा नहीं दी। आयोग ने इसे महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 63(11) का उल्लंघन माना है। अब BMC को एक महीने के भीतर 1 लाख रुपये का जुर्माना महाराष्ट्र राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को देना होगा। इसके साथ ही, BMC कमिश्नर को आदेश दिया गया है कि अगले तीन महीनों के भीतर इन इलाकों में रजिस्टर्ड श्मशान और कब्रिस्तान बनाए जाएं।
स्थानीय लोगों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा
इलाके के लोगों ने बताया कि श्मशान घाट न होने की वजह से हिंदू परिवारों को अपने करीबियों का अंतिम संस्कार समुद्र किनारे (Beach) पर करना पड़ता था। कई बार तो लोगों को अंतिम संस्कार के लिए समुद्र में ज्वार कम होने (Low tide) का इंतजार करना पड़ता था। इससे पहले फरवरी 2026 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी मनोरी बीच पर खुले में हो रहे अंतिम संस्कार पर नाराजगी जताई थी और BMC को अधिकृत श्मशान घाट का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा था।
केस से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| जुर्माना राशि |
1 लाख रुपये |
| समय सीमा |
3 महीने में सुविधा शुरू करनी होगी |
| प्रभावित इलाके |
गोराई, मनोरी और कुलवेम |
| आदेश देने वाले जज |
जस्टिस ए.एम. बदर और जस्टिस स्वप्ना जोशी |
| कानूनी उल्लंघन |
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 63(11) |